शनि 1 अगस्त, 2026

हाईकोर्ट ने डॉक्टर को दी क्लीनचिट

0

हाईकोर्ट ने डॉक्टर को दी क्लीनचिट

बिलासपुर। दुर्ग के एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के मामले में हाईकोर्ट ने डॉक्टर को बड़ी राहत देते हुए उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर के आदेश को निरस्त करने का आदेश दिया है। वहीं कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित आपराधिक अदालतों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित गाइडलाइनों का पालन करना चाहिए। दरअसल, पूरा मामला 12 मार्च 2015 का है। दुर्ग के राम रतन सोनी की पत्नी दिव्या सोनी ने दुर्ग के ही एक निजी अस्पताल में 12 मार्च 2015 को एक बच्चे को जन्म दिया था। बच्चे के जन्म के बाद उनकी सहमति पर पंजीकृत स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्णा दीक्षित ने उनका सीटीटी का ऑपरेशन किया। कुछ समय बाद दिव्या की तबीयत बिगड़ने लगी। जब खून की जांच की गई तो प्लेटनेट्स कम होने की जानकारी मिली। स्थिति बिगड़ने पर दिव्या को तुरंत रायपुर के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान 18 मार्च 2015 को उसकी मौत हो गई। महिला की मां ने डॉ. कृष्णा दीक्षित पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रायपुर के पंडरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। वहीं, दुर्ग के सीएमएचओ ने भी जांच शुरू करते हुए टीम गठित की। टीम ने 31 जुलाई 2015 को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में महिला डॉक्टर को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन अस्पताल में कुछ अनियमितता की जानकारी भी इस रिपोर्ट में दी गई थी। डॉक्टर पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर महिला के पति ने सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत दुर्ग के सीजेएम कोर्ट में मामला प्रस्तुत किया। तमाम तहकीकात और अन्य प्रकरणों में संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने डॉक्टर के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने के निर्देश किए हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

हो सकता है आप चूक गए हों