आओं लाए हरियाली, गौ-काष्ठ की जलाए होली, इकोफ्रेंण्डली होली मनाकर पर्यावरण संरक्षण में निभा सकते हैं अपनी भूमिका

रायपुर(बीएनएस)। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के अंतर्गत होने वाले दाह संस्कार में गौ-काष्ठ के उपयोग को प्राथमिकता से करने का निर्देश पहले से ही जारी किया हुआ है। अब उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए होलिका दहन में गौ-काष्ठ और कण्डे के उपयोग करने की अपील की है। कुछ माह पहले ही गौ-काष्ठ को लेकर जारी उनके निर्देशों अमल भी हुआ है। जागरूक एवं पर्यावरण के प्रति सचेत नागरिक, समाजसेवी गौ-काष्ठ और गोबर से कण्डे से दाह संस्कार भी करने…

विशेष लेख : छत्तीसगढ़ में अस्पताल पहुंच रहे अब बीमारों तक, यूनिवर्सल हेल्थकेयर की ओर सरकार के तेज कदम

छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने और जरूरतमंदों को निःशुल्क जांच, उपचार एवं दवाईयां मुहैया कराने कई नई पहल की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना और मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं तक लोगों की निःशुल्क पहुंच सुनिश्चित की गई है। मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य…

विशेष लेख : ‘अंधेरे से उजाले की ओर, दिख रहीं विकास की नई भोर’

रायपुर। समय का पहिया अब बहुत आगे बढ़ गया है। शहर अब सिर्फ शहर ही नहीं रहा, स्मार्ट शहर की राह में अपना कदम बढ़ा चुका हैं। चूंकि हमारा छत्तीसगढ़ राज्य किसानों का राज्य है। धान का कटोरा के रूप इस प्रदेश की पहचान पहले से हैं। स्वाभिमानी और परिश्रमी के प्रतीक किसानों की समृद्धि के साथ गांव का स्वरुप भी तेजी से बदल रहा है। छोटे शहर विस्तृत होकर आकार में फैल रहे हैं और आसपास के गांवों को कालोनियों में तब्दील कर रहे हैं। स्वाभाविक है कि नई…

कोरोना संकट काल में भी रियल इस्टेट रहा मंदी से अछूता

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा लिए गए जनहितैषी फैसलों का ऐसा असर हुआ कि जब पूरे देश का रियल इस्टेट सेक्टर जहां मंदी से प्रभावित रहा, छत्तीसगढ़ का रियल इस्टेट सेक्टर कोरोना संकट काल में भी मंदी के प्रभाव से अछूता रहा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में लिए गए फैसले से राज्य में अब आम आदमी और कमजोर तबके के लोगों के लिए जमीन के छोटे और मध्यम भू-खंडों की खरीद और बिक्री संभव हो पा रही है। यह यू ही नहीं हुआ, राज्य सरकार ने आम आदमी…

विशेष लेख : छत्तीसगढ़ी पकवानों का अनूठा स्वाद गढ़कलेवा में

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में छत्तीसगढ़ी खानपान एवं व्यंजन विक्रय केन्द्र गढ़कलेवा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में प्रयोग के तौर पर छत्तीसगढ़ी खानपान एवं व्यंजन विक्रय केन्द्र संचालित है। यह रायपुर शहर के अन्य खान-पान केन्द्रों से प्रतिस्पर्धा करते हुए, गुणवत्ता और मानकों पर खरा उतरा है, जिससे पारंपरिक और स्वास्थ्यकर, स्वादिष्ट खान-पान को बल मिला है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप संस्कृति विभाग द्वारा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में गढ़कलेवा शुरू किया गया है।…

विशेष लेख : सामाजिक जागरूकता से एनीमिया पर मिलेगी जीत

रायपुर। एनीमिया या शरीर में खून की कमी आज एक बड़ी समस्या है जो कुपोषण का ही एक प्रकार है। इसमें रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं अर्थात हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है। सामान्यतः महिलाओं में 12 ग्राम प्रति डेसीलीटर से कम हीमोग्लोबिन, गर्भवती महिलाओं में 11 ग्राम प्रति डेसीलीटर और पुरूषों में 13 ग्राम प्रति डेसीलीटर हीमोग्लोबिन से कम होना एनीमिया माना जाता है। हीमोग्लोबिन शरीर में आक्सीजन के परिवहन के लिए आवश्यक होते हैं। इसकी कमी से उत्पन्न विकार को ही एनीमिया कहा जाता है। हीमोग्लोबिन मुख्य रूप…

विशेष-लेख : देश के पर्यटन मानचित्र पर तेजी से ऊभर रहा छत्तीसगढ़

रायपुर। वैसे तो छत्तीसगढ़ की पहचान विकासोनमुखी और जनकल्याणकारी कार्यो तथा कुशल आर्थिक प्रबंधन से देश-दुनिया में होने लगी है। यहां की बहुमूल्य खनिज, वन संपदा, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन स्थलों ने लोगों को आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटकों को जनजातीय संस्कृति से परिचित कराने और स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया कराने की दिशा में सार्थक पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पर्यटन परिपथ का विकास और सौंदर्यीकरण की कार्य योजना पर काम प्रारंभ…

‘‘ एक गांव ऐसा, गांधी के सपनों के जैसा…

दो साल पहले की ही बात है। इस गाँव की तस्वीर ऐसी न थीं। अपने गाँव से विवाह के बाद आई टुकेश्वरी एमए पास है तो क्या हुआ ? उसके पास कोई काम न था। गाँव वालों के अपने खेत तो थे, लेकिन इन खेतों में हरियाली सिर्फ बारिश के दिनों में ही नजर आती थीं। फसल बोते थे लेकिन दाम सहीं नहीं मिलने से कर्ज में लदे थे। गाँव का गणेश, रामाधार हो या सेन काका.. सभी अपने गांव को खुशहाल देखना चाहते थे। दुलारी के पति सालों पहले…

यह पकवान है छत्तीसगढ़ की शान, स्वाद और मिठास है इसकी पहचान, गढ़कलेवा में घुलने लगी छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्वाद की मिठास

रायपुर। जिस तरह गीत के साथ संगीत का, सुर के साथ ताल का, ध्वनि के साथ तरंग का तालमेल होता है और इनकी जुगलबंदी सबकों मंत्र-मुग्ध कर देती है, ठीक उसी तरह ही छत्तीसगढ़ का व्यंजन है ,जो बनाने वाले के अदभुत पारम्परिक पाककला के साथ उनकी मीठी और भोली बोली के चाशनी में डूबकर आपकों गढ़ कलेवा में कुछ इस तरह मिलेगी कि आप इसे खाते ही कहेंगे…वाह मजा आ गया….। निश्चित ही स्वाद के साथ मिठास भी आपको मिलेगा और एक बार खाने के बाद बार-बार खाने के…

शिक्षक दिवस पर विशेष लेख : शिक्षकगणों का सम्मान हम सबकी सामाजिक जिम्मेदारी

रायपुर। हमारे जीवन को सँवारने में शिक्षक बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। शिक्षक दिवस, जो हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है, हम सभी के लिये उन्हें धन्यवाद देने का महत्वपूर्ण अवसर है। देश के प्रथम उपराष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। जब वे भारत के राष्ट्रपति थे तब कुछ पूर्व छात्रों और मित्रों ने उनसे अपना जन्मदिन मनाने का आग्रह किया। उन्होंने विनम्रतापूर्वक कहा कि यह बेहतर होगा कि आप इस दिन को शिक्षक दिवस के…