गर्मी के मौसम में गुणकारी है ‘बोरे बासी’

किसी भी राज्य की संस्कृति में वहां की भौगोलिक परिस्थितियां काफी असर डालती है। छत्तीसगढ़ में देश के अन्य हिस्सों की तुलना में ज्यादा बारिश होती है, इसलिए यहां धान की फसल ली जाती है। धान की विपुल फसल होने के कारण छत्तीसगढ़ देशभर में धान के कटोरे के रूप में प्रसिद्ध है। यहां के किसानों की आय के मुख्य जरिया भी धान की फसल है। यहां तीज त्यौहारों से लेकर दैनिक जीवन में चावल का बहुतायत से उपयोग होता है। छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति-खान-पान, बोली-भाषा और वेश-भूषा पर गर्व की…

छत्तीसगढ़ की जीवनशैली का अहम हिस्सा है ‘बासी’

छत्तीसगढ़ में एक प्रसिद्ध कहावत है – ‘बासी के नून नइ हटय’, इसका कहावत का हिन्दी भावार्थ है कि, बासी में मिला हुआ नमक नहीं निकल सकता। इस कहावत का उपयोग सम्मान के परिपेक्ष्य में किया जाता है। सवाल उठ सकता है कि आखिर यहां बात ‘बासी’ की क्यों हो रही है, तो बात जब किसी प्रदेश की होती है तो साथ में बात वहां के खान-पान की भी होती है। छत्तीसगढ़ में खान-पान के साथ जीवनशैली का एक अहम हिस्सा है ‘बासी’। शायद इसलिए भी छत्तीसगढ़ी फिल्मों में छत्तीसगढ़ी…

राज्य में तीन वर्षाें में कुपोषण में 8.7 प्रतिशत की कमी, महिलाओं और बच्चों की बेहतरी सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गाें की खुशहाली और बेहतरी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में महिलाओं और बच्चों के हितों के संरक्षण और उनकी बेहतरी के लिए कई अभिनव योजनाएं संचालित की जा रही है। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा और उनके स्वास्थ्य के स्तर को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान सहित अन्य कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिससे राज्य में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति में तेजी से सुधार हो…

शिवरीनारायण : जहां प्रभु राम ने खाए थे शबरी के जूठे बेर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के संगम पर बसा शिवरीनारायण धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। इस स्थान की महत्ता इस बात से पता चलती है कि देश के चार प्रमुख धाम बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथपुरी और रामेश्वरम के बाद इसे पांचवे धाम की संज्ञा दी गई है। यह स्थान भगवान जगन्नाथ का मूल स्थान है इसलिए छत्तीसगढ़ के जगन्नाथपुरी के रूप में प्रसिद्ध है। यहां प्रभु राम का नारायणी रूप गुप्त रूप से विराजमान है इसलिए यह गुप्त तीर्थधाम या गुप्त प्रयागराज के…

विश्व स्वास्थ्य दिवस : हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के संकल्प को दोहराने का दिन

रायपुर। संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्थापना दिवस पर 7 अप्रैल को पूरी दुनिया में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को की गई थी। वर्ष 1950 में 7 अप्रैल को पहली बार विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया गया था। तब से हर साल दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच के महत्व को रेखांकित करने यह दिवस मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ में भी यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए बुनियादी अधोसंरचना को…

विशेष आलेख : कोरोना काल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संजीवनी देने वाले मनरेगा के 16 साल पूरे

ग्रामीण अंचलों में प्रत्येक परिवार को रोजगार की गारंटी देने वाला ‘मनरेगा’ 2 फरवरी को अपने क्रियान्वयन के 16 साल पूरे कर रहा है। देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 2 फरवरी 2006 को आंध्रप्रदेश के अनंतपुर जिले से ‘मनरेगा’ यानि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) को अमलीजामा पहनाने की शुरूआत की थी। पहले चरण में इसे देश के 200 सबसे पिछड़े जिलों में लागू किया गया था। वर्ष 2007-08 में दूसरे चरण में इसमें 130 और जिलों को शामिल किया गया। तीसरे चरण में…

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना रायपुर सहित नगरीय क्षेत्रों में गरीबों को मिल रहा लाभ

हर गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति चाहता है कि जब वह बीमार पड़े तो उसे अपने इलाज के लिए भटकना न पड़े। छोटी-छोटी बीमारी के लिए अपने काम धंधे बंद कर डाक्टरों से अपॉइंटमेंट लेना और कतार में लग कर इलाज कराने से हर कोई बचना चाहता है। लोगों की जरूरतों को ध्यान रख छत्तीसगढ़ में शुरू की गई मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना अब इन्हीं उद्देश्यों और लक्ष्यों को न सिर्फ पूरा कर रही है। बल्कि अपने मुहल्ले में ही कैंप लगने से लोगों को इलाज में बहुत सहूलियत होने…

हर्बल स्टेट बनने की ओर कदम बढ़ाता छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा कार्यक्रमों के कुशल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ अब लगातार नई उपलब्धियों को हासिल कर रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य की इन्हीं उपलब्धियों में यहां उत्पादित होने वाले हर्बल्स (औषधि) अब अहम भूमिका निभा रही है। एक ओर जहां सरकारी प्रयासों से स्थानीय बाजार समेत देश-दुनिया के दूसरे कोनों तक पहुंच रहे छत्तीसगढ़ के हर्बल्स रिकार्ड कायम करने की ओर है। वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ अब हर्बल स्टेट बनने की ओर भी कदम बढ़ा रहा है। यह न सिर्फ राज्य की एक अलग पहचान…

झालम गौठान ने बनाया महिलाओं को आत्मनिर्भर, मल्टी एक्टिविटी से महिला समूह को हुई साढ़े 4 लाख की आय

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत झालम में निर्मित ‘गौठान-पशु आश्रय स्थल’ पशुधन के रखरखाव एवं उनकी देखभाल का डे-केयर सेंटर बनने के साथ ही स्वसहायता समूह की महिलाओं की आजीविका का केन्द्र बन गया है। यह गौठान 3 एकड़ में फैला हुआ है। यहाँ लगभग 430 पशुओं के चारे-पानी का प्रबंध एवं देखरेख की जाती है। गोठान से जुड़ी चार स्व सहायता समूह की 40 महिलाओं यहां आजीविका की विभिन्न गतिविधियों को संचालित कर बेहतर आय प्राप्त करने लगी हैं।…

विशेष लेख : चलो ऐसा उपाय अपनाएं कि लॉकडाउन लौट के न आए…

जब हम हताश और निराश हो जाते हैं तो हमें जिदंगी का एक-एक पल चुनौतियों से भरा और बोझ सा लगने लगता है। हमें नहीं भूलना चाहिए कि उम्मीद पर ही दुनियां टिकी है। जीवन मे आशा और निराशा दोनों होते हैं और हर इंसान के भीतर आशा और निराशा के बीच द्वंद चलता रहता है, इस दौरान हमारी सकारात्मक सोच ही होती है जो हमें उलझनों के बीच आशाओं की नई किरण दिखाती है। हमारी उम्मीदें हमें मुश्किल परिस्थितियों से उबार देती है। हम जानते हैं कि कोरोना महामारी…