शुक्र 31 जुलाई, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत की हवा को बताया ‘गंदा’ तो भारतीयों का फूट पड़ा गुस्सा, ट्रंप ने मोदी को किया याद

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Rashtrpati-Trump

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कमी नहीं देखी, मगर वायु प्रदूष से निपटने में चीन, भारत और रूस पर उचित कदम ना उठाने का आरोप लगाया। राष्ट्रपति पद के लिए फाइल प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की हवा को गंदा बताया और पेरिस जलवायु समझौते से हटने के अमेरिका के कदम को सही ठहराया। नाश्विले के बेलमॉन्ट विश्वविद्यालय में राष्ट्रपति पद के चुनाव की अंतिम आधिकारिक बहस (प्रेसिडेंशियल डिबेट) के दौरान ट्रम्प ने कहा, ‘चीन को देखिए, कितना गंदा है। रूस को देखिए , भारत को देखिए, वे बहुत गंदे हैं। हवा बहुत गंदी है।’ अमेरिका में तीन नवम्बर को राष्ट्रपति चुनाव है। ट्रंप के इस बयान के बाद भारतीयों का गुस्सा फूट पड़ा। सोशल मीडिया पर न सिर्फ ट्रंप को लोगों ने डेटा के जरिए आइना दिखाया, बल्कि इनके निशाने पर पीएम मोदी भी आ गए और इनसे जवाब मांगा।

दरअसल, अमेरिका में फाइनल बहस में राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने खराब हवा को लेकर जैसे ही भारत के खिलाफ बयान दिया, उसके बाद से ही ट्वीटर पर ‘Filthy’ ट्रेंड करने लगा। भारत की हवा को लेकर ट्रंप के बयान पर कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने ट्रंप से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है और कहा कि हाउडी मोदी का परिणाम अब सामने आने लगा है। उन्होंने ट्वीट किया, ट्रंप ने पहले भारत में कोरोना के कारण मौतों को लेकर सवाल उठाए, अब ट्रंप ने कहा कि हवा में भारत गंदगी भेज रहा है। ट्रंप ने भारत को टैरिफ किंग कहा। यह ‘हाउडी मोदी’ का परिणाम है।

वहीं, शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर कहा है कि ट्रंप की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रयासों की याद दिलाई और कहा कि जलवायु परिवर्तन से संबंधित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भारत प्रतिबद्ध है। कई अमेरिकियों की इच्छा के विपरीत अमेरिका पीछे हटा।।

ट्विटर पर ऑथर अतीश तासीर ने भी लिखा कि पीएम नरेंद्र मोदी मुझे उम्मीद है कि आप सुन रहे हैं। ‘अब की बा ट्रंप सरकार’। कुछ ट्विटर यूजर ने इसी साल फरवरी में हुए कार्यक्रम हाउडी मोदी को लेकर भी हमला बोला है। कुछ लोगों ने माना है कि हां भारत की हवा खराब है, मगर जिस ढंग से ट्रंप ने कहा, वह लोगों को पसंद नहीं आया।

वहीं, एक कांग्रेस कार्यकर्ता श्रीवत्सा ने ट्वीट किया, मोदी ने अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप रैली पर 3.7 करोड़ खर्च कर दिए। अब मोदी भारत की हवा को गंदा बता रहे हैं, क्या मोदी जवाब देंगे। मोदी एक शब्द भी अपने दोस्त ट्रंप के खिलाफ कहेंगे।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने कहा कि जब ट्रंप ने कहा कि भारत गंदी है, तो क्या वह सच नहीं बोल रहे थे? सभी शहरों हर जगह कचरे के ढेर हैं और खाद्य पदार्थों, पानी, नदियों और वायु में प्रदूषण है। गौरतलब है कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक है। इसके बाद दूसरे नंबर अमेरिका और फिर इस सूची में भारत और यूरोपीय संघ क्रमश: तीसरे तथा चौथे नंबर पर है। डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब नयी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बेहद खराब श्रेणी’ में है।

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