हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बड़ा महत्व रखता है। करवा चौथ एक पति-पत्नी के खास रिश्ते को दर्शाता है। इस दिन शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस खास मौके के लिए महिलाएं काफी उत्साहित रहती हैं और कई दिनों पहले ही तैयारियों में जुट जाती हैं। इस व्रत में महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाकर, चूड़ी पहन, सोलह श्रृंगार कर अपने पति की पूजा कर व्रत का पारायण करती हैं। करवा चौथ के व्रत को अलग-अलग क्षेत्रों…
श्रेणी: धर्म-अध्यात्म/ पंचांग / राशिफल
माता सीता ने क्यों निगला था प्रिय देवर लक्ष्मण, जानिए रामायण का यह रहस्य
एक समय की बात है जब श्री राम ने रावण का वध कर सीता के साथ अयोध्या वापस आए। अयोध्या को एक दुल्हन की तरह से सजाया गया और उत्सव मनाया गया। उत्सव मनाया जा रहा था तभी सीता जी को यह ख्याल आया की वनवास जाने से पूर्व मां सरयू से वादा किया था कि अगर पुन: अपने पति और देवर के साथ सकुशल लौटी तो उनकी विधिवत रूप से पूजन करेगी। सीता ने लक्ष्मण को साथ लेकर रात्रि में सरयू नदी के तट पर गई। सरयू की पूजा…
इस बार हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी, इन राशियों के लिए है बेहद खास
डेस्क। ज्योतिष शास्त्र की बात करें तो इस बार नवरात्रि में माता रानी हाथी पर सवार होकर आएंगी। जो कुछ राशियों के लिए बेहद खास रहने वाला हैं। इससे उनके जीवन में तरक्की आ सकती हैं तथा उन्हें कष्टों से मुक्ति मिल सकती हैं। आज इनकी राशियों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे की वो कौन सी राशि हैं जिस राशियों के लिए माता राशि के साथी पर सवार होकर आना बेहद खास रहेगा। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से। मेष और धनु राशि : ज्योतिष…
इस बार 8 बेहद शुभ संयोग के साथ हाथी पर सवार होकर आएंगी मां जगदंबे
शारदीय नवरात्र का शुभारंभ कल रविवार को हो रहा है। समापन 8 अक्टूबर को होगा। इसी दिन से रामनगरी में देवी मां के जयकारे गूंजने शुरू हो जाएंगे। 10 दिनों तक रामनगरी शक्ति उपासना में निमग्न होगी। देवी भागवत पुराण में बताए गए नियम के अनुसार माता इस बार गज यानि हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। माता का हाथी पर सवार होकर आना शुभ है जो अच्छी वर्षा और उन्नत कृषि का सूचक है। हालांकि माता नंगे पाव बिना वाहन के विदा होंगी जो कि शुभ नहीं माना…
जिस घर के पूजा स्थान में होती है यह एक चीज, वहां पर कभी नहीं होती है धन की कमी !
भारतीय संस्कृति धार्मिक मान्याताओं से भरी पड़ी है। यहां की हर परंपरा किसी ना किसी कहानी से जुड़ी हुई है। कोई भी पूजा बिना नारियल के पूरी नहीं होती है। यदि महिला पूजन कर रही है तो उसे नारियल तोडऩे के लिए पुरुष का ही सहारा लेना पड़ता है। हिंदू धर्म में नारियल – श्रीफल बहुत ज्यादा महत्त्व है। जिसके बगैर कोई भी शुभ काम पूरा नहीं होता है। यह है मान्यता :– हिंदू धर्म में नारियल को श्रीफल के नाम से भी जाना जाता है ऐसी मान्यता है कि…
गरीबी का दामन छोड़कर करोड़पति बनने की राह चल पड़ी हैं 4 राशियां, पवनपुत्र दे रहे हैं संकेत
अपने क्रोध पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। जीवन साथी के साथ बाहर घूमने का प्लान बन सकता है, जिससे दोनों के संबंधों में और मधुरता आएगी। नए कार्यों में लग जाएं और खाली बैठने से बचें। नई शुरुआत के लिए आपको थोड़ी ज़्यादा मेहनत करने की जरूरत है। किन्तु आने वाले समय में आर्थिक लाभ शुभ रहेगा। यदि आप अपने जीवन में बदलाव लाने का इंतजार कर रहे हैं, तो इसे बनाने का यह एक इष्टतम समय है। यह एक नए बाल कटवाने के रूप में या एक नए…
छत्तीसगढ़ के “तीजा” और पोला
मध्य भारत के बीच स्थित धान का कटोरा कहा जाने वाला प्रदेश छत्तीसगढ़ में हरेली के बाद हलशष्ठी और बहुलाचौथ नामक दो स्थानीय त्यौहार और आते हैं ( संभव है कि यह त्यौहार भारत के अन्य प्रांतों में किसी और नाम से मनाया जाता हो ) इनके बाद आता है “पोला” जिसे कि छत्तीसगढ़ी में “पोरा” भी कहा जाता है। पोला त्यौहार का छत्तीसगढ़िया संस्कृति में विशेष महत्व है क्योंकि इस दिन बैलों का श्रृंगार कर पूजा की जाती है और यह तो हम सभी जानते हैं कि बैल छत्तीसगढ़…
छत्तीसगढ़ के पारम्परिक त्यौहार ‘पोला-तीजा‘ को व्यापक रूप से मनाने की तैयारियां शुरू
रायपुर। हरेली के बाद छत्तीसगढ़ के पारम्परिक त्यौहारों ‘पोला-तीजा‘ को व्यापक स्तर पर मनाने के लिए तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। पोला त्यौहार के लिए संस्कृति विभाग और तीजा के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। हरेली की तरह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास पर भी इन दोनों पारम्परिक त्यौहारों को व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारी की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ का पोला तिहार मूल रूप से खेती-किसानी से जुड़ा पर्व है। खेती किसानी में बैल…
मुख्यमंत्री ने मां दंतेश्वरी से प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए मांगा आर्शीवाद
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंच कर पूजा अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए आर्शिवाद मांगा। इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम, सांसद दीपक बैज, विधायक मोहन मरकाम भी उनके साथ थे। मुख्यमंत्री श्री @bhupeshbaghel ने आज दंतेवाड़ा में मां दन्तेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। pic.twitter.com/6KZyZn4hLf — CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) August 16, 2019
शिवालयों भागलपुर-अजगैवीनाथ मंदिर में दूसरी सोमवारी को गूंजता रहा बोल-बम, विदेशी कांवरिये भी जा रहे बाबाधाम
बिहार। भागलपुर के सुल्तानगंज में सावन माह के दूसरी सोमवारी को लेकर अजगैवीनाथ मंदिर सहित शिवालयों में दिनभर हर हर महादेव के नारे गूंजते रहे। अजगैवीनाथ मंदिर में अल सुबह पट खुलते ही कांवरिये सहित आम श्रद्धालुओं की भीड़ पूजा करने के लिए लगी रही। मंदिर प्रबंधन और मंदिर सुरक्षा में तैनात सुरक्षाबलों की देख रेख में पूजा करायी गई। दूसरी सोमवारी को लेकर शिवालयों को सजाया गया था। अजगैवीनाथ के स्थानापति महंथ प्रेमानंद गिरी ने बताया की लगभग 70 हजार भक्तों ने अजगैवीनाथ की पूजा अर्चना की होगी। इससे…
