धर्म डेक्स(बीएनएस)। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता श्री बलरामजी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन श्री बलरामजी का जन्म हुआ था। यह व्रत संतान की लम्बी आयु के लिए माताओं द्वारा रखा जाता है। इस तरह करें हलषष्ठी की पूजा : इस दिन सूर्योदय से पहले उठना चाहिए। नित्यकर्मों से निवृत्त होकर स्नान कर साफ कपड़े पहनें। जहां पूजा करनी है उस जगह को अच्छे से साफ करें। पूजन स्थल पर गंगाजल छिड़कें। पूजन स्थल पर…
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छत्तीसगढ़ का लोकपर्व-हलषष्ठी (कमरछठ), संतान के लिए है ये व्रत, नहीं खाते हल लगा अनाज, माताएं-बहने हर्षोउल्लास से मानती है यह पर्व
धर्म डेस्क(बीएनएस)। यह पर्व माताओं का संतान के लिए किया जाने वाला, छत्तीसगढ़ राज्य की अनूठी संस्कृति का एक ऐसा पर्व है जिसे हर वर्ग हर जाति मे बहूत ही सद्भाव से मनाया जाताहै। हलषष्ठी को हलछठ, कमरछठ या खमरछठ भी कहा जाता है । यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। संतान प्राप्ति व उनके दीर्घायू सुखमय जीवन की कामना रखकर माताएँ इस व्रत को रखती है। इस दिन माताएँ सूबह से ही महुआ पेड़ की डाली का दातून कर, स्नान कर…
आखिर पूजा के बाद क्यों छिड़का जाता है शंख से पानी, क्या है फायदे
धर्म डेक्स। हिंदू धर्म में मंदिरों में सुबह और शाम के समय आरती में शंख बजाने का विधान है। शंखनाद के बिना पूजा-पाठ अधूरी मानी जाती है। साथ ही सभी धर्मों में शंखनाद को बड़ा ही पवित्र माना गया है। अथर्ववेद के चौथे कांड के दसवें सूक्त में कहा गया है कि शंख अंतरिक्ष वायु, ज्योतिर्मंडल और सुवर्ण से युक्त है। परंतु क्या आप जानते हैं कि कोई भी धार्मिक कार्य शुरू करने से पहले शंख क्यों बजाया जाता है? क्यों बजाया जाता है शंख: शास्त्रों में कहा गया है…
जानें भाई-बहन का पवित्र पर्व रक्षाबंधन से जुड़े ये 6 रोचक जानकारी, नहीं जानते होंगे आप
धर्म डेक्स। रक्षाबंधन एक पवित्र प्रेम का त्यौंहार है यानि भाई-बहन का प्यार। भारतीय संस्कृति के प्रमुख त्यौहारों में रक्षाबंधन का नाम भी शामिल है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, हालांकि हर जगह ऐसा नहीं होता है। सामान्य तौर पर राखी केवल बहनें भाई को ही बांधती है, हालांकि कई बार देखा गया है कि ब्राह्मणों, गुरुओं और नेता या प्रतिष्ठित व्यक्ति, घर-परिवार के सदस्यों को भी रक्षा सूत्र बांधा जाता है। कई स्थानों पर न केवल भाई, गुरु, ब्राह्मण आदि को राखी बांधी…
सावन सोमवार विशेष : इस कथा को पढ़े बिना अधूरा है सावन सोमवार महादेव का व्रत पूजन, मैन तो पढ़ा क्या आपने पढ़ा?
धर्म डेक्स। किसी नगर में एक साहूकार रहता था। जिसके घर में धन की कमी नहीं थी लेकिन उसे संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ था। जिस कारण वह बहुत परेशान रहता था। पुत्र प्राप्ति की इच्छा से वह हर सोमवार व्रत भी रखता था और पूरी श्रद्धा के साथ शिव मंदिर जाकर भगवान शिव और पार्वती जी की अराधना करता था। उसकी भक्ति भाव से मां पार्वती प्रसन्न हो गईं और भगवान शिव से उस साहूकार की मनोरथ पूर्ण करने का आग्रह करने लगीं। पार्वती जी की इच्छा सुनकर भगवान…
सावन स्पेशल 2020 : देश के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कीजिए एक साथ, जानिए इनका महत्व
धर्म डेक्स। भगवान शिव की भक्ति का महीना सावन (श्रावण मास) शुरू हो गया है। ग्रंथों के अनुसार, इस महीने में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। सावन में प्रमुख शिव मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। भारत में 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं। इन सभी का अपना महत्व व महिमा है। ऐसी मान्यता भी है कि सावन में यदि भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए जाएं तो जन्म-जन्म के कष्ट दूर हो जाते हैं। सावन में हम आपको बता रहे हैं इन 12…
शिवलिंग पर जल… आदि चढ़ाने के बाद चढ़ाएं शमी के पत्ते, शनि और गणेशजी को भी चढ़ाते हैं शमी के पत्ते
धर्म डेस्क। अभी महादेव का प्रिय माह श्रावण मास चल रहा है। शिव पूजा में शिवलिंग पर अलग-अलग चीजें चढ़ाई जाती है। इन चीजों में फूल-पत्तियां का विशेष महत्व है। शिवजी को बिल्व पत्र के साथ ही शमी के पत्ते भी अर्पित करना चाहिए। देवी-देवताओं को पूजा के दौरान फूल और पत्तियों को चढ़ाने का विशेष महत्व होता है। भगवान शिव को बिल्व पत्र बहुत प्रिय होता है तो वहीं भगवान गणेश को दूर्वा अतिप्रिय है। हम यह देखते हैं कि आमतौर पर शमी के पत्ते शनि देव को चढ़ाएं…
श्रावण मास के पहले सोमवार को पहली बार बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ का भक्तों ने किया ऑनलाइनदर्शन
न्यूज़ डेस्क। झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशानुसार श्रावण मास के प्रथम दिन ही यहां स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम और दुमका स्थित बासुकीनाथ मंदिर में भगवान शंकर के पूजन एवं श्रृंगार का दर्शन भक्तों ने ऑनलाइन किया। आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि श्रावण माह के प्रथम दिन देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में सरदार पंडा गुलाबानंद ओझा ने गर्भगृह में पूजन एवं श्रृंगार प्रातः पौने पांच से साढ़े पांच बजे तक किया। जिसका तय वेबसाइट तथा टीवी चैनलों के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया और पूरे विश्व में भक्तों ने…
श्रावण मास 2020 : इस वर्ष छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शिवालयों में सावन सोमवार पर नहीं कर सकेंगे जल अर्पण
धर्म डेस्क। कल से शुरू हो रहे सावन महीने में इस बार कोरोना महामारी के चलते छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शिवालयों में कहीं भी भक्तों को जलाभिषेक करने का सौभाग्य नहीं मिल पाएगा। सावन सोमवार पर भक्तगण अपने घर पर ही छोटे से शिवलिंग पर जल अर्पण करने की परंपरा निभाएंगे। कई भक्तों ने फैसला किया है कि वे मिट्टी से शिवलिंग बनाकर पूजा-अर्चना करेंगे, वहीं कई भक्त शनिवार को बाजार में छोटा शिवलिंग खरीदते नजर आए। पूरे सावन माह में घर के पूजा घर में शिवलिंग रखकर जलाभिषेक करेंगे। हटकेश्वर…
श्रावण मास 2020: सोमवार से शुरू होगा श्रावण मास, पांच सोमवार पर्वों के साथ आएगी सोमवती अमावस भी
न्यूज़ डेक्स। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को पूरा देश गुरु पूर्णिमा का पर्व मना रहा है। वहीं, सोमवार, छह जुलाई से श्रावण मास प्रारंभ हो जाएगा। इस बार के श्रावण मास में पांच सोमवार पर्व भी आएंगे, साथ ही आगामी 20 जुलाई (सोमवार) को श्रावण मास में सोमवती अमावस्या पर्व भी रहेगा। मध्यप्रदेश में भी गुरु पूर्णिमा पर्व के साथ ही श्रद्धालुओं ने श्रावण की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए इस बार कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा, लेकिन…
