शुक्र 31 जुलाई, 2026

मोदी 0.2 सरकार की बड़ी जीत, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल और अनु. 370 समाप्त करने वाला बिल राज्य सभा में 125 वोट से पास

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amit rajy sabha

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटने वाला विधेयक जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल राज्यसभा से पारित करवा कर मोदी सरकार ने इतिहास रच दिया है। हालांकि, अभी लोकसभा में इस विधेयक का पास होना बाकी है, मगर लोकसभा में नंबर को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि वहां भी यह बिल आसानी से पास हो जाएगा। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने, जम्मू कश्मीर को विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र और लद्दाख को बिना विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो ”साहसिक एवं जोखिम भरे संकल्पों एवं दो संबंधित विधेयकों को आज राज्यसभा की मंजूरी मिल गई। राज्यसभा ने इन मकसद वाले दो सरकारी संकल्पों को, जम्मू कश्मीर आरक्षण (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2019 तथा जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को पारित करने के लिए उच्च सदन में हुए मत विभाजन में संबंधित प्रस्ताव 61 के मुकाबले 125 मतों से मंजूरी दे दी गई।

राज्यसभा ने जम्मू एवं कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक 2019 को मंजूरी मिलने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रणाम किया और उन्होंने शाह की पीठ थपथपाकर आशीर्वाद दिया।

अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में आश्वासन दिया कि जम्मू कश्मीर को केन्द्र शासित क्षेत्र बनाने का कदम स्थायी नहीं है तथा स्थिति समान्य होने पर राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। शाह ने उच्च सदन में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के लिए लाये गये संकल्प पर चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही। इस संकल्प में जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग कर जम्मू कश्मीर को विधायिका वाला केन्द्र शासित क्षेत्र बनाने का प्रावधान है।

विपक्ष ने राज्य का दर्जा लिये जाने के कदम का काफी विरोध किया था। गृह मंत्री ने विपक्ष की इन आपत्तियों की चर्चा करते स्पष्ट किया कि जम्मू कश्मीर में जैसे ही स्थिति सामान्य होगी और उचित समय आयेगा, हम जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दे देंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर देश का मुकुट मणि है और बना रहेगा। उन्होंने चर्चा के दौरान कुछ सदस्यों द्वारा अनुच्छेद 370 हटने के बाद राज्य के कोसोवो बनने की आशंकाएं जताये जाने का जिक्र करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि यह कोसोवो नहीं बनेगा।

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