नई दिल्ली। दिल्ली के कथित आबकारी (शराब) नीति घोटाले के मामले में आज राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. इस फैसले में सीधे तौर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राहत मिली है. कोर्ट ने आबकारी मामले में मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है. इस मामले में उस समय के मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 आरोपी बनाए गए थे. AAP के नेशनल कन्वीनर और दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद रो पड़े।
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उन्होंने कहा,”पिछले कुछ सालों से भाजपा जिस तरह से शराब घोटाले के बारे में कह रही थी और हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी तो आज कोर्ट ने सभी आरोप खारिज कर दिए और सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमें न्यायपालिका पर भरोसा है… सत्य की जीत हुई… AAP को खत्म करने के लिए सभी बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया था… यह पूरा फर्जी केस था… केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है। मैंने अपने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और AAP कट्टर ईमानदार है… अच्छा काम करके सत्ता में आइए और झूठे केस करके हमें जेल में डालना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता।
सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने सीबीआई को दोषपूर्ण जांच के लिए फटकार लगाई और कहा कि विस्तृत आरोपपत्र में कई खामियां हैं जिनका समर्थन गवाहों या बयानों से नहीं होता। प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता। अदालत ने आरोप तय करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने ये भी कहा निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच की जरूरत होती है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं पाया गया।
बता दें, मामला 2022-23 की दिल्ली की शराब नीति से जुडा है जिसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीबीआई ने केस दर्ज किया था। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को जेल जाना पड़ा था। खुद अरविंद केजरीवाल 6 महीने जेल में रहकर आए थे। मामले को लेकर सीबीआई और ईडी का आरोप था कि साउथ ग्रुप नाम की एक लॉबी से 100 करोड़ की रिश्वत ली गई और बदले में उन्हें लाइसेंस फीस में छूट और अन्य फायदे दिए गए।
