रवि 2 अगस्त, 2026

कोविड -19 : कोरोना को लेकर बढ़ता जा रहा डर, सभी को लगेगी वैक्सीन की बूस्टर डोज! तैयारियों में जुटी सरकार

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नई दिल्ली। देश में कोरोना को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गरम है। चीन, दक्षिण कोरिया और यूरोप समेत कई देशों में कोविड के मामलों में एक बार फिर तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। ऐसे में भारत सरकार ने भी कमर कस ली है। भारत सरकार ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा है। देश में कोरोना से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कोरोना से बचाव के क्रम में देश के सभी वयस्कों को बूस्टर डोज लगाने की भी तैयारी की जा रही है।

ज्ञात हो कि बीते कई दिनों से चीन में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं। कोरोना पर ब्रेक लगाने के लिए चीन ने अपने कई शहरों में लॉकडाउन लगा दिया है। चीन के साथ ही दक्षिण कोरिया में भी कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। दक्षिण कोरिया में कोरोना के नए मामलों का आंकड़ा रोजाना 6 लाख तक पहुंच रहा है।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि देश के सभी वयस्कों को कोरोना की बूस्टर डोज लगाने का भी प्लान तैयार किया जा रहा है। बूस्टर डोज को लेकर अभी तक आधिकारिक फैसला नहीं आया है। अभी यह भी साफ नहीं हो सका है कि बूस्टर डोज सरकार की तरफ से मुफ्त होगा या इसके लिए कोई

देश में अभी 60 साल से अधिक आयु के लोगों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज लगाई जा रही है। साथ ही सरकार से अनुमति मिलने के बाद देश में 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को कोविड वैक्सीन की खुराक दी जाने लगी है।

देश में ओमिक्रॉन का अटैक खत्म होने के बाद कई राज्यों में स्कूल खुलने लगे हैं। ऐसे में बच्चों को वैक्सीन देना भी जरूरी हो गया है। हालांकि ओमिक्रॉन की लहर खत्म होने के बाद देश में कोरोना के मामले तेजी से नीचे गए हैं। सोमवार को देश में बीते 24 घंटे में कुल 1,549 नए केस ही सामने आए हैं। देश में कोरोना के कुल सक्रिय मामलों की संख्या अब 25 हजार के करीब ही रह गई है।

इस बीच आईआईटी कानपुर ने कहा है कि भारत में 22 जून तक चौथी लहर आ सकती है। इससे पहले भी आईआईटी कानपुर की कोरोना को लेकर भविष्यवाणी सही साबित हुई थी। अगर यह भविष्यवाणी सही रही तो आने वाले समय में एक बार फिर हेल्थ सेक्टर के साथ ही अर्थव्यवस्था पर भी इसकी मार देखने को मिल सकती है। यह भी दावा किया जा रहा है कि देश में कोरोना की अगर कोई लहर आती भी है तो, वो ज्यादा घातक नहीं होगी।

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