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न्यूज़ डेस्क। पहली बार 16 जनवरी को वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ देश में कोवैक्सीन टीकाकरण की शुरुआत हुई। यह दिन भारतीय वैक्सीन के इतिहास में बहुत बड़ा दिन बन गया। क्योंकि मोदी सरकार के नाम वैश्विक स्तर पर दो-दो उपलब्धियां जुड़ गईं। पहली उपलब्धि यह रही कि विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई। दूसरी उपलब्धि यह कि अभी तक की सभी सरकारों में मोदी सरकार पहली ऐसी सरकार बन गई जो दुनिया की तुलना में सबसे कम समय में देश में वैक्सीन लाने में सफल रही।

टिटनेस की वैक्सीन लाने में कांग्रेस को लगा था 54 साल

इससे पहले पूर्व की कांग्रेस सरकार के दौर में देश में वैक्सीन आने में 83 साल लग गए थे। जापानीज इन्सेफेलाइटिस वैक्सीन ऐसी एक वैक्सीन है जो दुनिया में 1930 में आ गई थी लेकिन भारत में आने में उसे 83 साल लग गए। पोलियो जैसी महत्वपूर्ण टीके को भारत आने में 23 साल लग गए। टिटनेस की वैक्सीन दुनिया में आने के 54 साल बाद भारत आ पाई थी। वहीं कोवैक्सीन के दुनिया में आने के चंद दिनों बाद ही मोदी सरकार अपने बल-बूते देश में लाने में सफल रही। यह वैक्सीन सबसे पहले ब्रिटेन में दिसंबर 2020 में कोरोना वायरस नाम से आई और भारत में जनवरी 2021 में। खास बात रही कि भारत में दो-दो स्वदेशी वैक्सीन एक साथ आई।

कोरोना वैक्सीन देश में कब और कितने दिनों बाद आई

वैक्सीनविश्वभारतकितने महीने बाद
कोवैक्सीनदिसंबर-2020जनवरी-2021एक महीने बाद

कौन सी वैक्सीन भारत में कब और कितने दिनों बाद आई

वैक्सीनविश्वभारतकितने महीने बाद
रोटा वायरस1998201517 वर्ष बाद
जापानीज इन्सेफेलाइटिस19302013 83 वर्ष बाद
हेपेटाइटिस बी1982200220 वर्ष बाद
पोलियो19551978 23 वर्ष बाद
टिटनेस1924197854 वर्ष बाद

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