एयर-टू-एयर मिसाइल अस्त्र 5 का किए गया सफलतापूर्वक परीक्षण
बालासोर। भारत ने ओडिशा तट पर सुखोई -30 एमकेआई युद्धक विमान से हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल अस्त्र के पांच सफल परीक्षण किए है। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी है। इसमें कहा गया है कि वायु सेना ने सोमवार से बृहस्पतिवार के बीच ये परीक्षण किए। सभी संभावित खतरों को ध्यान में रखकर ये परीक्षण किए गए। बयान के अनुसार आयुध के साथ भी मिसाइल के तीन परीक्षण किए गए। आधुनिक प्रौद्योगिकी और नौवहन तकनीकों से लैस अस्त्र (बीवीआरएएम) दृश्य सीमा से आगे हवा से हवा में मार करने में सक्षम मिसाइल है और यह 100 किमी से अधिक तक मार कर सकता है।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह सटीकता के साथ लक्ष्य को नष्ट कर सकता है। बयान के अनुसार वायुसेना के साथ मिलकर अत्याधुनिक बीवीआरएएम बनाने का डीआरडीओ का प्रयास हथियार प्रणाली के परीक्षण चरण के साथ सफलतापूर्वक पूरा हो गया। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने हथियारों को जोड़ने के लिए विमान में आवश्यक बदलाव में भूमिका निभाई है। 50 से अधिक सार्वजनिक और निजी उद्योगों ने अस्त्र हथियार प्रणाली के निर्माण में योगदान दिया है। डीआरडीओ के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने अस्त्र विकसित करने वाली टीम को बधाई दी। बयान में कहा गया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी डीआरडीओ और भारतीय वायुसेना की टीमों को इन सफल परीक्षणों के लिए बधाई दी है।
