रवि 2 अगस्त, 2026

राजधानी में ज्वेलरी पार्क निर्माण की मांग को लेकर सराफा एसोसिएशन सीएम से मिला

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राजधानी में ज्वेलरी पार्क निर्माण की मांग को लेकर सराफा एसोसिएशन सीएम से मिला

रायपुर। देश के 20 प्रमुख सराफा बाजारों में शुमार छत्तीसगढ़ का रायपुर सराफा बाजार अपने व्यवसाय व स्वस्थ मान्य परम्पराओं के चलते निरंतर प्रगति के साथ अग्रसर है। बाजार का पड़ोसी राज्यों के साथ देश के अन्य प्रांतों से व्यावसायिक संपर्क (क्रय विक्रय) बना हुआ है। इसे और प्रतिस्थापित करने व बढ़ाने एक सर्वसुविधायुक्त ज्वेलरी पार्क की राजधानी में महती आवश्यकता है। अपनी इस मांग को लेकर रायपुर सराफा एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला और पांच बिंदुओं में बताया कि इसके बनने से क्या फायदे होंगे।

रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू, सचिव दीपचंद कोटडि़या, उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण लाहोटी, कोषाध्यक्ष सुरेश भंसाली, प्रहलाद सोनी, जितेंद्र गोलछा, अनिल कुचेरिया प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। श्री मालू ने मुख्यमंत्री को बताया कि काफी समय से यह मांग सराफा कारोबारियों की ओर से की जा रही है। यह न केवल व्यापार बल्कि शासन को मिलने वाले राजस्व व आम उपभोक्ता की सुविधा के दृष्टिकोण से भी उचित होगा। सर्वसुविधायुक्त ज्वेलरी पार्क वर्तमान रायपुर सराफा बाजार के समीप होने से मुख्य सराफा बाजार व व्यावसायिक भार कम होगा। चूंकि छत्तीसगढ़ के कारोबारी अन्य महानगरों में एक्जिविशन के माध्यम से खरीदारी हेतु जाते हैं जो प्रदेश के राजस्व के लिहाज से नुकसानदायक है। यदि अपनी राजधानी की ज्वेलरी पार्क के ऊपरी हिस्से में एक बड़ा हाल निर्मित कर दी जाए तो इस प्रकार के एक्जिविशन यहां भी लगाये जा सकते हैं। ज्वेलरी पार्क के बन जाने से सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा। महानगरों की तर्ज पर ज्वेलरी पार्क बन जाने से कारोबारियों व उपभोक्ताओं को विकल्प भी मिलेगा और सुविधा भी। राष्ट्रीय स्तर पर बाजार की साख के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश की व्यावसायिक पहचान भी बढ़ेगी।

सराफा कारोबारियों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को यह आश्वासन भी दिया कि ज्वेलरी पार्क के निर्माण में सराफा कारोबारी सरकार के साथ हर संभव मदद करने तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने काफी गंभीरता से प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुना और विचार करने आश्वस्त किया।

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