लोकप्रिय योजनाएं: मोदी सरकार की 10 योजनाएं जिसने बदल दी देश की तस्वीर, किसान से लेकर महिलाओं और युवा तक उठा रहे फायदा
योजना डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसी योजनाओं को जमीन पर उतारा है, जिसका सीधा फायदा आमलोगों को हो रहा है। कुछ योजनाएं तो ऐसी हैं, जिससे जिसका लाभ न्यूनतम दस्तावेज सबमिट कर भी उठाया जा सकता है। मोदी सरकार की इन योजनाओं से किसान से लेकर महिलाएं और युवा तक लाभान्वित हो रहे हैं। फिर वह किसान सम्मान निधि योजना हो या फिर उज्ज्वला और स्कॉलरशिप स्कीम्स हों। लाभार्थी सीधे तौर पर इन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।
मोदी सरकार की 10 लोकप्रिय योजनाएं :-
जनधन योजना
इस योजना के तहत भारतीय नागरिक जीरो अकाउंट खाता खुलवा सकते हैं। खाते पर आमजन को चेक बुक, पासबुक, दुर्घटना बीमा के अलावा ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी की सुविधा भी मिलती है। ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी के तहत जन धन अकाउंट होल्डर अकाउंट में बैलेंस न होने पर भी अपने खाते से 10,000 रुपए तक निकाल सकता है। इस योजना का मकसद हर व्यक्ति को बैंकिंग सिस्टम में जोड़ना है।
पीएम किसान सम्मान योजना
देश के किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए सरकार पीएम किसान सम्मान निधि योजना चलाती है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार देश के छोटे किसानों को सालभर में 6,000 रुपए की सहायता देती है। इसके लिए किसानों को दो-दो हजार की किस्त में पैसे मिलते हैं. इसमें जमीन, आय के स्रोत और कुछ दूसरे पैमानों को देखते हुए पात्रता तय की जाती है।
पीएम गरीब कल्याण योजना
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को मोदी सरकार ने मार्च 2020 में शुरू किया था। महामारी के चलते लॉकडाउन के दौरान इस स्कीम को शुरू करके 80 करोड़ लोगों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया गया था। सरकार इस योजना को कई बार बढ़ा चुकी है। फिलहाल इस योजना का लाभ दिसंबर 2023 तक लिया जा सकता है।
उज्ज्वला योजना
पीएम मोदी ने देश की महिलाओं की जिंदगी में बदलाव के मकसद से मई 2016 में उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत एक साल में 12 गैस सिलिंडर बांटें जाते हैं। हर सिलिंडर पर 200 रुपए की सब्सिडी का लाभ मिलता है। सब्सिडी सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है। कुल मिलाकर एक साल में सब्सिडी के रूप में 2400 रुपए तक का लाभ उठाया जा सकता है. PMUY के 1 मार्च 2023 तक 9.59 करोड़ लाभार्थी हैं।
आयुष्मान भारत योजना
देश में रहने वाले तमाम नागरिकों के स्वास्थ्य का खयाल रखने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना सरकार की तरफ से चलाई जाती है. इस स्कीम में 5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। दवाई की लागत, चिकित्सा आदि का खर्च सरकार देती है। इस योजना के पात्र लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाया जाता है। इसके बाद कार्डधारक सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त में अपना इलाज करवा सकते हैं।
पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना। ये स्कीम बीमाधारक की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार को 2 लाख तक की आर्थिक मदद दिलाती है। मात्र सालाना 436 रुपए देकर इस स्कीम को ले सकते हैं। इस पॉलिसी को खरीदने के लिए आपकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष, वहीं अधिकतम आयु 55 वर्ष तय की गई है।
पीएम सुरक्षा बीमा योजना
भारत की बड़ी आबादी को सुरक्षित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को साल 2015 में शुरू किया गया था। पहले इसका सालाना प्रीमियम 12 रुपए था, जिसे 1 जून 2022 से बढ़ाकर 20 रुपए कर दिया गया। इस योजना में आपको 2 लाख रुपए का सुरक्षा कवर मिलता है। अगर आपकी उम्र 18 से 70 साल के बीच है तो आप साल में सिर्फ 20 रुपए देकर आप 2 लाख तक का कवरेज देने वाली इस सुरक्षा बीमा योजना को खरीद सकते हैं।
अटल पेंशन योजना
अटल पेंशन योजना भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही पेंशन स्कीम हैं। इस स्कीम में 18 साल से लेकर 40 साल तक की उम्र तक निवेश करना होता है। इस स्कीम के जरिए 60 की उम्र के बाद हर महीने अधिकतम 5000 रुपए तक की पेंशन प्राप्त की जा सकती है। पेंशन की राशि आपके निवेश पर निर्भर करती है। इसके अलावा केवल वो लोग ही इस स्कीम का फायदा ले सकते हैं, जो टैक्सपेयर नहीं हैं।
पीएम आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंदों को घर बनाने के लिए लोन पर सब्सिडी दी जाती है। इसके लिए लोगों को खुद को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खुद को रजिस्टर करना होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 लाख से कम कमाने वाला कोई भी व्यक्ति, जिसके पास कोई भी आवास न हो, वो इसका लाभ उठा सकता है। इस स्कीम में सरकार की तरफ से 2.50 लाख की मदद दी जाती है।
मेक इन इंडिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर, साल 2014 में मेक इन इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की थी। जिसका उद्देश्य देश में विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर पैदा करना है। मेक इन इंडिया एक तरह का स्वदेशी अभियान है, जिसमें अर्थव्यवस्था के तमाम क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
