मंगल 4 अगस्त, 2026

कोरोना वायरस: पॉजिटिविटी रेट घटा लेकिन अभी खत्म नहीं हुई दूसरी लहर : केंद्र

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नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कोरोना वायरस पर अपनी प्रेस वार्ता में बताया है कि देश में टीकाकरण रफ्तार पकड़ रहा है और अगस्त महीने में रिकॉर्ड संख्या में वैक्सीन लगी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि देश की कुल वयस्क आबादी के 16 फीसदी हिस्से को वैक्सीन की दोनों डोज मिल चुकी हैं। वहीं आबादी के 54 फीसदी हिस्से को वैक्सीन की एक डोज मिल चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ये भी कहा गया है कि पॉजिटिविटी रेट घर रहा है लेकिन दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने आज कहा, देश में ये 9वां सप्ताह है जब साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 3 फीसदी से कम रहा है। वहीं देश में 38 ज़िलों में साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 5-10 फीसदी के बीच है। जून में 279 जिलों में प्रतिदिन 100 नए मामले दर्ज ह रहे थे, अगस्त में 100 से अधिक मामलों की रिपोर्ट करने वाले जिले 42 हैं। हालांकि अभी ये कहना जल्दीबाजी होगी कि दूसरी लहर खत्म हो गई है। खासतौर से केरल और कुछ राज्यों में अभी भी स्थिति चिंताजनक है। दूसरी वेव अभी खत्म नहीं हुई है।

राजेश भूषण ने कहा, अभी भी 42 ज़िले ऐसे हैं जहां कोरोना के प्रतिदिन 100 से ज़्यादा मामले रिपोर्ट होते हैं। केरल में एक लाख से ज़्यादा सक्रिय मामले हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में स​क्रिय मामले 10,000 से एक लाख के बीच हैं। देशभर में पिछले हफ़्ते रिपोर्ट हुए कोरोना वायरस के 69 फीसदी मामले एक राज्य केरल से हैं।

कोरोना वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी दी है कि सिक्किम, दादरा और नगर हवेली और हिमाचल प्रदेश ने अपनी शत प्रतिशत व्यस्क आबादी को वैक्सीन की पहली डोज़ दे दी है। मिज़ोरम, लक्षपद्वीप, दमन और द्वीप, लद्दाख, त्रिपुरा ने 85 फीसदी से ज़्यादा आबादी को वैक्सीन की पहली डोज लगा दी है। उन्होंने बताया कि अगस्त में रिकॉर्ड तादाद में वैक्सीन लगी है। अगस्त के महीने में 18.38 करोड़ डोज लगाई गईं। अगस्त में प्रतिदिन औसत 59.29 लाख डोज दी गईं। महीने के अंतिम सप्ताह में प्रतिदिन 80 लाख से अधिक खुराकें दी गईं।

दूसरे देशों को वैक्सीन भेजने पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक देश अपनी जनसंख्या, अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से काम करता है। हम इन उद्देश्यों की प्राप्ति करेंगे और ये देखेंगे ​कि वैक्सीन को अन्य देशों को देने का उचित समय कब होगा।

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