बुध 5 अगस्त, 2026

हरिद्वार कुंभ मेले में बिना पंजीकरण नहीं मिलेगी एंट्री, जारी होगा E-पास

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Haridwar-Kumbh-Mela

देहरादून / नई दिल्ली । हरिद्वार कुंभ मेले में जाने के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय कोरोना महामारी के कारण लिया गया है। उत्तराखंड शासन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कुंभ के लिए जारी की गई एसओपी को लागू करते हुए यह प्रावधान किया है। उत्तराखंड के मुख्य सचिव ओमप्रकाश द्वारा विभिन्न विभागों व कुंभ मेला अधिकारी को प्रेषित की गई एसओपी के मुताबिक, हरिद्वार कुंभ मेले के लिए पंजीकरण अनिवार्य हो गया है। श्रद्धालुओं को अपना पंजीकरण वेब पोर्टल के जरिये कराना होगा।

श्रद्धालुओं को कुंभ मेले में हरिद्वार आने से आने से 72 घंटे पहले आरटीपीसीआर जांच करवानी होगी। रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही श्रद्धालु कुंभ के दौरान हरिद्वार आ सकेंगे। विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा। जो श्रद्धालु अपना पंजीकरण नहीं करवाएंगे, उन्हें कुंभ मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुंभ मेला इस बार कोरोना महामारी के मद्देनजर केवल 28 दिन का होगा। उत्तराखंड सरकार ने साधु संतों से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया है। कुंभ मेला एक अप्रैल से 28 तक आयोजित किया जाएगा।

उत्तराखंड सरकार के मुताबिक कुंभ में कोरोना संक्रमण रोकथाम के नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। कुंभ मेले की अधिसूचना जारी होने साथ ही एसओपी प्रभावी मानी जाएगी।

कुंभ में हरिद्वार आने के लिए श्रद्धालुओं को अपना मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट भी राज्य सरकार की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इसके बाद ही उन्हें कुंभ के लिए ई-पास व ई-परमिट जारी किया जाएंगा। ई-पास मिलने पर श्रद्धालु कुंभ मेले में जा सकेंगे। सरकारी अधिकारी ई-पास की आकस्मिक जांच भी करेंगे।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी हरिद्वार को सख्त निर्देश दिए हैं कि कुंभ ड्यूटी में लगे सभी लोगों का 100 प्रतिशत वैक्सिनेशन सुनिश्चित किया जाए।

पुलिस और पैरामिल्रिटी कार्मिकों का भी तुरंत वैक्सिनेशन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। 15 मार्च तक उत्तर प्रदेश से भी 100 डॉक्टर्स एवं 148 पैरामेडिकल स्टाफ पहुंच जाएगा, उनके रहने की व्यवस्था भी अस्पतालों के आसपास सुनिश्चित की जाए।

इससे पहले उत्तराखंड शासन ने कुंभ मेला क्षेत्र में आश्रम-धर्मशाला, विश्राम स्थल, घाट, होटल-रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस, सार्वजनिक परिवहन, वाहन पार्किं ग स्थल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, दुकानों-वाणिज्यिक प्रतिष्ठान और धार्मिक स्थल के लिए एसओपी जारी की थी।

हरिद्वार में महाशिवरात्रि के अवसर पर 11 मार्च को शाही स्नान होगा। शिवरात्रि को शाही स्नान पर संन्यासियों के सात और 27 अप्रैल वैशाख पूर्णिमा पर बैरागी अणियों के तीन अखाड़े कुंभ में स्नान करते हैं। 12 अप्रैल सोमवती अमावस्या और 14 अप्रैल मेष संक्रांति के मुख्य शाही स्नान पर सभी 13 अखाड़ों का हरिद्वार कुंभ में स्नान होगा।

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