मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के खिलाफ भाजपा का हल्ला-बोल, MP में राज्यव्यापी ‘घंटानाद’ आंदोलन
भोपाल। मध्यप्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के कथित कुशासन से प्रदेश की जनता को न्याय दिलाने और सरकार को गहरी नींद से जगाने के लिए भाजपा ने बुधवार को ‘घंटानाद’आंदोलन किया।इस दौरान बड़ी तादाद में भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने घंटे, घडियाल, मंजीरे, शंख एवं थालियां बजा कर प्रदेश के सभी कलेक्ट्रेटों का घेराव किया। नवंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में 15 साल बाद कांग्रेस के सत्ता में आने के पश्चात भाजपा का यह पहला राज्यव्यापी आंदोलन था। दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि कमलनाथ की सरकार बनने के बाद मध्यप्रदेश में प्रगति और खुशहाली आई है, जबकि प्रदेश की 15 साल तक चली पूर्व भाजपा नीत सरकार जन विरोधी नीतियों वाली और घोटालेबाज सरकार थी।
भोपाल में इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने कलेक्ट्रेट घेराव के बाद मीडिया से कहा, ‘‘लगातार 15 साल तक चली भाजपा की एक अच्छी सरकार के बाद एक भ्रष्ट कांग्रेस सरकार का आना दुर्भाग्य का संकेत है। इस सरकार ने मध्य प्रदेश की जनता के सारे हित सूली पर चढ़ा दिये हैं। यहां केवल इनके विधायक और मंत्रियों के हित सर्वोपरि हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश के किसान आज खून के आंसू रो रहा है, किसानों का कर्जा माफ नहीं हुआ, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला एवं बिजली का बिल आधा नहीं हुआ। भाजपा शासनकाल में प्रदेश की पहचान देश में उन्नत सड़कों के लिए होती थी, उन सड़कों की दुर्दशा हो गयी। कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है। इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है?’’ सिंह ने कहा कि हमने तय किया कि कुंभकरण की नींद में सोने वाली इस कांग्रेस सरकार को नींद से जगाएंगे और इसीलिए आज ये ‘घंटानाद’ आंदोलन पूरे प्रदेश में चल रहा है। लेकिन आने वाले समय में अगर अभी भी ये नींद से नहीं जागे तो भाजपा लगातार जनता के हितों के लिए सड़कों पर उतर कर उग्र आंदोलन करेगी।
वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कमलनाथ सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का जिक्र करते हुए यहां कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं को बताया, ‘‘कमलनाथ की सरकार ने पिछले नौ महीनों में ऐसे ठोस, दूरदर्शी, ऐतिहासिक और लोक कल्याणकारी फैसले लिये हैं, जिनसे प्रदेश मंदी की मार से अछूता रह कर प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर हो चला है।’’ उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार को जब पिछले साल दिसंबर में प्रदेश की जनता की सेवा का अवसर मिला, तब सरकारी खजाना खाली था। इस खाली खजाने के बाद भी, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए अपने शपथ-ग्रहण के दो घंटे के भीतर ही किसानों की कर्ज माफी की फाइल पर दस्तखत कर कांग्रेस पार्टी द्वारा दिए गए वचन को पूरा कर दिया। इसके अलावा, पिछड़े वर्ग के आरक्षण को बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के साथ ही सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी किया। शोभा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में 15 साल तक चली पूर्व भाजपा नीत सरकार जन विरोधी नीतियों वाली सरकार थी और उसमें व्यापमं, डंपर, ई-टेंडरिंग और अवैध उत्खनन जैसे कई घोटाले हुए थे।
