सोम 3 अगस्त, 2026

‘जन आशीर्वाद’ यात्रा पर निकले आदित्य ठाकरे, नया महाराष्ट्र बनाने का किया आह्वान

0

‘जन आशीर्वाद’ यात्रा पर निकले आदित्य ठाकरे, नया महाराष्ट्र बनाने का किया आह्वान

जलगांव (महाराष्ट्र)। शिवसेना युवा इकाई के प्रमुख आदित्य ठाकरे ने बृहस्पतिवार को जलगांव से ‘जन अशीर्वाद’ यात्रा की शुरुआत की और ‘नया महाराष्ट्र’ बनाने का आह्वान किया। यात्रा के शुभारंभ के मौके पर युवा सेना के प्रमुख ठाकरे ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से लोगों के दिलों को जीतने को कहा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा आगामी चुनाव के मद्देनज़र वोट मांगने का अभियान नहीं है बल्कि उनके लिए ‘तीर्थ यात्रा’ है। राज्य में सितंबर-अक्टूबर में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। यात्रा के शुरू होने से पहले पत्रकारों से अलग से बात करते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने ठाकरे की तारीफ की और कहा कि मुख्यमंत्री का पद अगर शिवसेना को मिला तो ठाकरे इस पद पर काबिज़ होंगे।

शिवसेना फिलहाल, केंद्र और राज्य सरकार में भाजपा की सहयोगी है। वह विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन करके लड़ेगी। ठाकरे अगर चुनाव लड़ते हैं तो वह अपने परिवार में चुनाव लड़ने वाली पहली शख्सियत होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यह यात्रा वोट मांगने के लिए किसी चुनाव प्रचार का हिस्सा नहीं है। मैं इसे अपनी तीर्थ यात्रा मानता हूं। यह यात्रा नया महाराष्ट्र बनाना के लिए है।’’ ठाकरे ने कहा कि वह लोकसभा चुनाव में शिवसेना के लिए वोट करने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद करना चाहते हैं।

युवा सेना के नेता ने कहा कि शिवसेना के संस्थापक और उनके दादा बाल ठाकरे अगर जीवित होते तो वह भी उनसे पार्टी के लिए वोट करने वाले लोगों का धन्यवाद करने को कहते। उन्होंने कहा, ‘‘लिहाज़ा किसी मुहूर्त को देखे बिना मैंने यह यात्रा निकाली है।’’ ठाकरे ने कहा, ‘‘ हमें शिवसेना के लिए हर वोटर के वोट को देखने की कोशिश करनी चाहिए। तभी हम नया महाराष्ट्र बना पाएंगे।’’ इस बीच, राउत ने कहा कि महाराष्ट्र को नेतृत्व करने के लिए एक चेहरे की जरूरत है और वो नेतृत्व ठाकरे के रूप में मौजूद है। उन्होने कहा, ‘‘ मेरे ख्याल से, मुख्यमंत्री का पद शिवसेना को मिलने का मतलब है कि वो आदित्य ठाकरे को मिल रहा है।’’

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

हो सकता है आप चूक गए हों