मंगल 28 जुलाई, 2026

Nag Panchami 2024: काल सर्प दोष से छुटकारा पाने के लिए नाग पंचमी के दिन करें ये 8 उपाय, जीवन की हर बाधा होगी दूर….!

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धर्म डेस्क(Bns)। नाग पंचमी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो नाग देवताओं की पूजा के लिए मनाया जाता है। यह त्यौहार न केवल भारत में बल्कि नेपाल और अन्य दक्षिण एशियाई देशों में भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष नाग पंचमी 9 अगस्त 2024, शुक्रवार को मनाई जाएगी। नाग पंचमी के दिन नाग देवताओं की पूजा की जाती है, जो भगवान शिव के प्रिय माने जाते हैं।

इस दिन नागों की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और कई प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलती है। खासकर जिनकी कुंडली में कालसर्प दोष होता है, उनके लिए यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। कालसर्प दोष से पीड़ित लोगों को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है। राहु और केतु के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए भी इस दिन नागों की पूजा की जाती है।आइए जानते हैं क्या होता है कालसर्प दोष और इसे दूर करने के उपाय।

कालसर्प दोष क्या होता है?

कालसर्प दोष तब होता है जब कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित होते हैं। यह दोष जीवन में अनेक समस्याएं पैदा कर सकता है जैसे धन की कमी, विवाह में अड़चनें, संतान प्राप्ति में कठिनाई, स्वास्थ्य समस्याएं, और नौकरी में परेशानियां। नाग पंचमी के दिन कुछ विशेष उपाय करने से इस दोष को दूर किया जा सकता है।

नाग पंचमी पर किए जाने वाले उपाय

  1. नाग पंचमी के दिन घर के द्वार पर सर्पाकार बनाकर अभिषेक करें और घी चढ़ाएं। इसके बाद नागराज के 12 नामों का जाप करें: अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कम्बल, कर्कोटक, अश्वतर, धृतराष्ट्र, शङ्खपाल, कालिया, तक्षक, और पिङ्गल।
  2. नाग पंचमी के दिन गाय के गोबर से घर के मुख्य द्वार पर नाग की सेप बनाकर पूजा करें. यह उपाय कालसर्प दोष को दूर करने में मदद करता है।
  3. सुनार से चांदी का नाग बनवाएं और इसे पुजारी द्वारा प्राण प्रतिष्ठा कराएं. इसके बाद इसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें. यह उपाय भी कालसर्प दोष को दूर करता है।
  4. गायत्री मंत्र को महामंत्र कहा गया है। नाग पंचमी के दिन नाग देवता और भोलेनाथ की पूजा करने के बाद गायत्री मंत्र का जाप करें। इससे सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है।
  5. नाग पंचमी के दिन चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा बनवाएं और उसका पूजन करें। इसे कच्चा दूध, बताशा और फूल अर्पित करें। इससे कालसर्प दोष का प्रभाव काफी कम हो जाता है।
  6. नाग पंचमी के दिन अष्ट नागों की पूजा का विधान है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि नाग देवता की पूजा से पहले भगवान शिव की उपासना जरूर करें।शिवजी के गले में नाग देवता विराजमान होते हैं और वे शिवजी को बहुत प्रिय हैं।
  7. नाग पंचमी के दिन घर में फिटकरी, समुद्री नमक और देसी गाय के गौमूत्र को मिलाकर पोंछा लगाएं। इसके बाद घर में गुग्गल की धूप दें। इससे भी कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
  8. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नागदेवता के मंदिर या फिर शिव मंदिर में जाकर झाड़ू लगानी चाहिए। मंदिर की सीढ़ियों पर यदि 10 दिनों तक पोंछा लगाया जाए तो कालसर्प दोष से छुटकारा मिलता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। हम किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करते है। आवश्यक सलाह अवश्य लें ।

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