Ayodhya Ram Mandir: 60 लाख श्रद्धालु; 10 KG सोना, 25 KG चांदी…एक महीने में रामलला के दरबार में भक्तों ने और क्या-क्या चढ़ाया?, यहाँ देखें…. कैसे होगी उपहार की सुरक्षा सब जाने..
धर्म डेस्क (Bns)। Ram Mandir Donation: अयोध्या में रामलला को गर्भगृह में विराजे हुए एक महीना हो गया है। लंबे इंतजार के बाद 22 जनवरी 2024 को प्राण-प्रतिष्ठा हुई. पहले दिन यानी 22 जनवरी को केवल उन्हीं लोगों को दर्शन करने की अनुमति थी, जिन्हें प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से भेजा गया था। 23 जनवरी से सभी के दर्शन के लिए दरवाजे खोल दिये गए। इसके बाद से ही अपने आराध्य के दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। 23 जनवरी के ही दिन करीब 5 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किये थे। आम लोगों के लिए दर्शन शुरू हुए एक महीना पूरा हो गया। इस दौरान भक्त अपने आराध्य को कुछ न कुछ समर्पित कर रहे हैं।
इस एक महीने में रामलला के दरबार में क्या-क्या आया?
एक महीने के दौरान 60 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किये और इनकी तरफ से कुल 25 करोड़ रुपये से ज्यादा का दान किया गया है। यह दान मंदिर परिसर में लगे दान-पात्र और दान काउंटर पर प्राप्त हुआ है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार राम भक्तों ने यह धनराशि नकद, चेक और ड्राफ्ट के जरिये रामलला के दरबार में जमा की है। दूसरे देशों से आने वाले राम भक्तों की तरफ से किये गए दान की गणना इसमें शामिल नहीं है। इसके अलावा सोने-चांदी और रत्नों का दान भी राम भक्तों ने दिल खोलकर किया है।
सोने और चांदी का भी दान
भगवान राम के भक्तों ने सोने और चांदी का भी खूब दान किया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार इस एक महीने में 25 किलो चांदी और 10 किलो सोना चढ़ावे के रूप में आया है। सोने और चांदी के आभूषणों में मुकुट, हार, छत्र, रथ, चूड़ी और पायल आदि शामिल हैं। इसके अलावा दूसरे सामानों में खिलौने, दीपक, अगरबत्ती स्टैंड और धनुष-बाण आदि भी हैं. भक्तों ने सोने और चांदी के बर्तन भी राम दरबार में दान किये हैं। इनमें से सभी सामान को रामलला के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। भक्तों ने सोने-चांदी के अलावा रत्नों का भी दान किया है।
दर्शन करने का समय
एक महीने के दौरान करीब 60 लाख श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा 22 जनवरी के बाद से शुरू हुए दर्शन से लेकर 22 फरवरी तक का बताया गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बाद दर्शन करने के समय में भी बदलाव किया गया है। अब भक्त सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक अपने आराध्य के दर्शन कर सकते हैं।
रख-रखाव की जिम्मेदारी
बताया कि रामलला को उपहार स्वरूप मिले सोने-चांदी के आभूषणों और बहुमूल्य सामग्रियों के मूल्यांकन के लिए उन्हें पिघलाने और रख-रखाव की जिम्मेदारी भारत सरकार टकसाल को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार, साथ ही भारतीय स्टेट बैंक और ट्रस्ट के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। समझौता ज्ञापन के अनुसार, स्टेट बैंक दान, चेक, ड्राफ्ट और नकदी एकत्र करने और इसे बैंक में जमा करने की पूरी जिम्मेदारी लेगा। स्टेट बैंक की टीम ने कर्मियों की संख्या बढ़ाकर अपना काम शुरू कर दिया है और रोजाना दो पालियों में दान की गई नकदी की गिनती की जा रही है।
