#CGNewCabinetv: विष्णुदेव साय कैबिनेट में मंत्री पद के लिए सुगबुहाट तेज,अटकलों का बाजार गर्म, साय कैबिनेट में नए-पुराने चेहरों को मिल सकता है मौका, जानिए मंत्री पद के लिए संभावित नाम…
नई दिल्ली/रायपुर डेस्क (Bns)। भाजपा विधायक दल की बैठक में विष्णुदेव साय को प्रदेश का नया मुख्यमंत्री चुन लिया गया है। मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होते ही अब मंत्रिमंडल के सदस्यों को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। अरुण साव, ओपी चौधरी व रेणुका सिंह में से किसी एक को अब डिप्टी सीएम बनाने के चर्चा हो रही है।
इसके अलावा कुछ को मंत्री समेत विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष भी बनाया जा सकता है। प्रदेश में मुख्यमंत्री समेत 13 मंत्री बन सकते हैं। सभी संभाग से इस बार दावेदारों की संख्या अधिक है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बार मंत्रिमंडल में भी नया और पुराने मंत्रियों का मिला-जुला समूह देखने को मिल सकता है। इसके अलावा दो महिला मंत्री भी बन सकती हैं।
रायपुर संभाग से बृजमोहन, मूणत और चंद्राकर प्रबल दावेदार
इस संभाग में मंत्री बनने के प्रबल दावेदारों में पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत और अजय चंद्राकर का नाम शामिल है। बृजमोहन साल 2023 में 8वीं बार जीतकर आए हैं। 1990-92 में बृजमोहन अविभाजित मध्य प्रदेश में मंत्री रहे। राज्य बनने के बाद साल 2003, 2008 और 2013 में भी अहम विभागों के मंत्री रहे। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे राजेश मूणत साल 2003 में पहली बार विधायक चुनकर आए।
2008 और 2013 में दूसरी, तीसरी व 2023 में वे चौथी बार विधायक बने। रमन सरकार में 2003, 2008 और 2013 में लगातार मंत्री रहे। भाजपा में तेजतर्रार छवि वाले अजय चंद्राकर 1998 में पहली बार विधायक बने। 2003 में दूसरी बार, 2008 में हारे, लेकिन फिर से 2013, 2018 और अब 2023 में 5वीं बार चुनकर आए हैं। 2003 से 2008 तक चंद्राकर मंत्री रहे। 2013 में जीत के बाद फिर से मंत्री बने थे।
दुर्ग संभाग से विजय शर्मा व दयालदास बघेल दावेदार
प्रदेश के दुर्ग संभाग में ब्राह्मण समुदाय से मंत्री बनने के लिए सबसे प्रबल दावेदार विजय शर्मा हैं। कवर्धा के नव निर्वाचित विधायक विजय शर्मा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर आवास, मोर अधिकार का अभियान चलाया। इसके अलावा पार्टी के संगठनात्मक कार्यो में बतौर महामंत्री उनकी महती भूमिका रही। इसके पहले कवर्धा में हुए भगवा झंडा विवाद की अगुवाई करने के कारण उन्हें जेल की यातना सहनी पड़ी।
कवर्धा विधानसभा में कांग्रेस के कद्दावर मंत्री मोहम्मद अकबर को उन्होंने 40 हजार से अधिक वोटों से हराया है। ब्राह्मण समुदाय से विजय शर्मा प्रबल दावेदार हैं। इसके पहले भी पार्टी ने प्रेमप्रकाश पांडेय को मंत्री बनाई थी, हालांकि पांडेय इस चुनाव हार चुके हैं। वहीं, अनुसूचित जाति वर्ग से पूर्व मंत्री दयालदास बघेल का नाम भी चर्चा में है।
बिलासपुर संभाग से अमर, कौशिक, पुन्नूलाल और धर्मजीत के नामों पर चर्चा
बिलासपुर से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक भाजपा के बड़े चेहरे हैं। उनके साथ ही कांग्रेस और जोगी कांग्रेस से भाजपा में आए धर्मजीत भी पांचवीं बार विधायक चुने गए हैं। जाहिर है कि सभी बड़े नेता हैं और भाजपा संगठन उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दे सकती है।
सरगुजा संभाग से रामविचार और गोमती दावेदार
सरगुजा संभाग की बात की जाए तो यहां अब से मुख्यमंत्री पद आरक्षित हो गया है। सरगुजा संभाग के विधायक विष्णुदेव साय को सीएम बनाया गया है। पूर्व मंत्री रामविचार नेताम और गोमती साय को मंत्री बनाया जा सकता है।
बस्तर संभाग के केदार, लता और विक्रम रेस में शामिल
इस संभाग में कद्दावर नेता केदार कश्यप मंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। इसके अलावा लता उसेंडी और विक्रम उसेंडी भी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं।
