ताम्रध्वज ने अब तक गृह जिले में नहीं संभाली कमान

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ताम्रध्वज ने अब तक गृह जिले में नहीं संभाली कमान

रायपुर। लोकसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान तेज होने लगा है, राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी नामंकन खरीदने और जमा करने लगे हैं। ऐसे में पीडब्लूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू का दुर्ग में सक्रिय न होने को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खास रणनीति के तहत ही उन्हें दुर्ग के साथ ही बेमेतरा जिले का प्रभारी मंत्री बनाया था ताकि, लोकसभा चुनाव के दौरान वे कम-से-कम एक सीट की जिम्मेदारी संभाल लेंगे। जाहिर है, दुर्ग लोकसभा इलाके में दुर्ग और बेमेतरा जिले की विधानसभा सीटें आती हैं। लेकिन, हुआ उल्टा। दुर्ग में कांग्रेस का अभियान ठंडा पड़ा है। दुर्ग के नेता और कार्यकर्ता गृह मंत्री के दिल्ली से आने की बाट जोह रहे हैं। हालांकि, दुर्ग इलाके से मंत्री रविंद्र चौबे भी आते हैं। लेकिन, पार्टी ने उन्हें बिलासपुर और मुंगेली जिले का प्रभारी बनाया है।ताम्रध्वज अपने बेटे को लोकसभा की टिकिट दिलाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने दिल्ली में काफी प्रयास भी किया था। इसीलिए, दुर्ग की टिकिट फंस गई थी। मगर पार्टी ने उनकी सिफारिश को अनसूना करते हुए दुर्ग से प्रतिमा चंद्राकर को मैदान में उतार दिया।

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