‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ ने एक महीने में 14 राज्यों को पहुंचाया 16 हजार मीट्रिक टन ‘प्राणवायु’
न्यूज़ डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने के लिए जिस प्रकार भारतीय रेलवे से लेकर भारतीय वायु सेना के विमान तक की पूरी क्षमता का उपयोग किया है। देश के नागरिकों का जीवन बचाने के लिए पीएम ने भारतीय रेलवे की क्षमता का पूरा उपयोग किया। वहीं भारतीय रेलवे ने भी कोविड -19 के खिलाफ भारत की सामूहिक लड़ाई में अपनी अहम भूमिका निभाई। कोरोना की पहली लहर में लॉकडाउन के दौरान जहां आवश्यक सामान पहुंचाने से लेकर लाखों-लाख प्रवासियों को श्रमिक एक्सप्रेस के माध्यम से घर तक पहुंचाया, भारतीय अर्थव्यवस्था के इंजनों को चालू रखने में अपनी महती जिम्मेदारी निभाई। और अब जब कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश में प्राणवायु यानि ऑक्सीजन की किल्लत हुई तो एक बार फिर भारतीय रेलवे ने देश के प्रति दायित्व को निभाते हुए अपनी उपयोगिता साबित की है।
देश के 14 राज्यों में प्राणवायु पहुंचाने का कीर्तिमान
वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की आपूर्ति करने में अपना महत्वपूर्ण रोल निभाया। भारतीय रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस के माध्यम से देश के 14 राज्यों में 977 से अधिक टैकरों में 16,023 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलओएम) पहुंचाने का कीर्तिमान बनाया है।
1142 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाने का रिकार्ड
मालूम हो कि भारतीय रेलवे ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस की शुरुआत 24 अप्रैल को की थी। पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 126 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ महाराष्ट्र पहुंची थी। इस दौरान रेलवे ने नया-नया कीर्तिमान भी स्थापित किया है। इसमें चाहे वह एक दिन में सर्वाधिक ऑक्सीजन ढुलाई हो या फिर महिला क्रू द्वारा ऑक्सीजन एक्सप्रेस का संचालन हो। ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन एक दिन में ऑक्सीजन की आपूर्ति के 1142 मीट्रिक टन के स्तर पर पहुंची गईं। इससे पहले एक दिन का सर्वाधिक भार 20 मई को 1118 मीट्रिक टन था। रेलवे के अनुसार, लगभग 247 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने अब तक अपनी यात्राएं पूरी कर ली हैं और विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचाई है। दक्षिण भारत में कर्नाटक के बाद तमिलनाडु में ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति का आंकड़ा 1000 मीट्रिक टन से ऊपर पहुंच गया है।

मांग के अनुरूप रेलवे ने पहुंचाया ऑक्सीजन
प्रदेश ऑक्सीजन
महाराष्ट्र 614 टन
उत्तर प्रदेश 3649 टन
मध्य प्रदेश 633 टन
दिल्ली 4600 टन
हरियाणा 1759 टन
राजस्थान 98 टन
कर्नाटक 1063 टन
उत्तराखंड 320 टन
तमिलनाडु 1024 टन
आंध्र प्रदेश 730 टन
पंजाब 225 टन
केरल 246 टन
तेलंगाना 976 टन
असम 80 टन

कम समय में अधिक ऑक्सीजन पहुंचाने का लक्ष्य किया तय
भारतीय रेलवे का यह प्रयास रहा है कि ऑक्सीजन का अनुरोध करने वाले राज्यों को कम से कम समय में अधिक से अधिक ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके। भारतीय रेलवे कम समय में अधिक ऑक्सीजन पहुंचाने के अपने लक्ष्य को पाने में सफल रही है। ऑक्सीज एक्सप्रेस द्वारा भारतीय रेलवे ने 14 राज्यों उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और असम को ऑक्सीजन सही समय पर ऑक्सीजन पहुंचाकर असली सहायता पहुंचाई है।
