राजस्थान में फिर सामने आया दलित उत्पीड़न का मामला, बाप-बेटे के हाथ-पैर तोड़ जबरदस्ती पिलाया पेशाब

न्यूज़ डेस्क। राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार दलितों को सुरक्षा देने में शुरू से ही नाकाम रही है। राज्य में दलितों के खिलाफ अत्याचार के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। दलित उत्पीड़न का ताजा मामला बाड़मेर से सामने आया है। बाड़मेर में एक दलित पिता-पुत्र को न सिर्फ पीटा गया, बल्कि उन्हें जबरदस्ती पेशाब भी पीने के लिए मजबूर किया गया। इंडिया टुडे की खबर के अनुसार बाड़मेर में बीजराड़ थाना के गोहड़ का ताला गांव में एक किराने की दुकान से सामान खरीद रहे पिता-पुत्र पर अचानक करीब 15 लोगों ने हमला कर दिया। लाठी-कुल्हाड़ी से लैस लोगों ने पिटाई के बाद रायचंद को पेशाब पीने के लिए मजबूर किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर दोनों को अपमानित भी किया। पिता रायचंद के सिर पर चोट लगी है और उसका एक दांत टूट गया, जबकि उनके बेटे रमेश का पैर टूट गया और हाथ में भी चोट आई। बाड़मेर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में दोनों का इलाज चल रहा है। मामले में 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी आरोपी फरार हैं।

इसी महीने 11 जुलाई को राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में बकरी चोरी के आरोप में एक दलित युवक को पेड़ से बांधकर बेहरमी से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। वीडियो में बेरहमी से हो रही पिटाई के बीच दलित युवक दर्द के मारे चीख-चीख कर कह रहा, ‘मैंने नहीं चुराई बकरी’ लेकिन उसकी चीख शोर में दब कर रह गई और वो पिटता रहा। अमर उजाला की खबर के अनुसार भीलवाड़ा जिले के मंडलगढ़ क्षेत्र में कुछ दिन पहले एक व्यक्ति की बकरी चोरी हो गई थी। बकरी चोरी करने के शक में दलित युवक की पहले चौपाल पर पिटाई की। उसके बाद कुछ गांव वालों ने पेड़ से बांधकर उसे बेत से बुरी तरह से पीटा।

https://twitter.com/lkantbhardwaj/status/1413790157950574593?s=20

इसके पहले इसी महीने वायरल एक और वीडियो में दिख रहा है कि झालवाड़ जिले के झालरापाटन में बीच सड़क पर कुछ बदमाश कृष्णा वाल्मीकि नाम के एक दलित युवक को बेरहमी से पीट रहे हैं। सड़क पर गिरे युवक पर लगातार डंडे बरसा रहे हैं। मोची मोहल्ला के निवासी कृष्णा वाल्मिकी की सूरजपोल दरवाजा क्षेत्र में रहने वाले सागर कुरैशी से लड़ाई थी। इसी का बदला लेने के लिए सागर कुरैशी ने अपने एक दर्जन साथियों के साथ कृष्णा को बुरी तरह पीटकर फरार हो गया।

राजस्थान में दलितों के खिलाफ अत्याचार के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं लेकिन सेक्युलर, लिबरल और वामपंथी गैंग के साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पर चुप्पी साध रखी है। अगर यही घटना किसी बीजेपी शासित राज्य में हुई होती, तो ये लोग अब तक काफी हो-हल्ला मचा चुके होते।

संबंधित समाचार

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.