रायपुर। संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्थापना दिवस पर 7 अप्रैल को पूरी दुनिया में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को की गई थी। वर्ष 1950 में 7 अप्रैल को पहली बार विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया गया था। तब से हर साल दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच के महत्व को रेखांकित करने यह दिवस मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ में भी यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए बुनियादी अधोसंरचना को…
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लेख/आलेख
विशेष आलेख : कोरोना काल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संजीवनी देने वाले मनरेगा के 16 साल पूरे
ग्रामीण अंचलों में प्रत्येक परिवार को रोजगार की गारंटी देने वाला ‘मनरेगा’ 2 फरवरी को अपने क्रियान्वयन के 16 साल पूरे कर रहा है। देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 2 फरवरी 2006 को आंध्रप्रदेश के अनंतपुर जिले से ‘मनरेगा’ यानि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) को अमलीजामा पहनाने की शुरूआत की थी। पहले चरण में इसे देश के 200 सबसे पिछड़े जिलों में लागू किया गया था। वर्ष 2007-08 में दूसरे चरण में इसमें 130 और जिलों को शामिल किया गया। तीसरे चरण में…
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना रायपुर सहित नगरीय क्षेत्रों में गरीबों को मिल रहा लाभ
हर गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति चाहता है कि जब वह बीमार पड़े तो उसे अपने इलाज के लिए भटकना न पड़े। छोटी-छोटी बीमारी के लिए अपने काम धंधे बंद कर डाक्टरों से अपॉइंटमेंट लेना और कतार में लग कर इलाज कराने से हर कोई बचना चाहता है। लोगों की जरूरतों को ध्यान रख छत्तीसगढ़ में शुरू की गई मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना अब इन्हीं उद्देश्यों और लक्ष्यों को न सिर्फ पूरा कर रही है। बल्कि अपने मुहल्ले में ही कैंप लगने से लोगों को इलाज में बहुत सहूलियत होने…
हर्बल स्टेट बनने की ओर कदम बढ़ाता छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा कार्यक्रमों के कुशल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ अब लगातार नई उपलब्धियों को हासिल कर रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य की इन्हीं उपलब्धियों में यहां उत्पादित होने वाले हर्बल्स (औषधि) अब अहम भूमिका निभा रही है। एक ओर जहां सरकारी प्रयासों से स्थानीय बाजार समेत देश-दुनिया के दूसरे कोनों तक पहुंच रहे छत्तीसगढ़ के हर्बल्स रिकार्ड कायम करने की ओर है। वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ अब हर्बल स्टेट बनने की ओर भी कदम बढ़ा रहा है। यह न सिर्फ राज्य की एक अलग पहचान…
झालम गौठान ने बनाया महिलाओं को आत्मनिर्भर, मल्टी एक्टिविटी से महिला समूह को हुई साढ़े 4 लाख की आय
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत झालम में निर्मित ‘गौठान-पशु आश्रय स्थल’ पशुधन के रखरखाव एवं उनकी देखभाल का डे-केयर सेंटर बनने के साथ ही स्वसहायता समूह की महिलाओं की आजीविका का केन्द्र बन गया है। यह गौठान 3 एकड़ में फैला हुआ है। यहाँ लगभग 430 पशुओं के चारे-पानी का प्रबंध एवं देखरेख की जाती है। गोठान से जुड़ी चार स्व सहायता समूह की 40 महिलाओं यहां आजीविका की विभिन्न गतिविधियों को संचालित कर बेहतर आय प्राप्त करने लगी हैं।…
विशेष लेख : चलो ऐसा उपाय अपनाएं कि लॉकडाउन लौट के न आए…
जब हम हताश और निराश हो जाते हैं तो हमें जिदंगी का एक-एक पल चुनौतियों से भरा और बोझ सा लगने लगता है। हमें नहीं भूलना चाहिए कि उम्मीद पर ही दुनियां टिकी है। जीवन मे आशा और निराशा दोनों होते हैं और हर इंसान के भीतर आशा और निराशा के बीच द्वंद चलता रहता है, इस दौरान हमारी सकारात्मक सोच ही होती है जो हमें उलझनों के बीच आशाओं की नई किरण दिखाती है। हमारी उम्मीदें हमें मुश्किल परिस्थितियों से उबार देती है। हम जानते हैं कि कोरोना महामारी…
विशेष लेख : ग्रामीणों की ग्रामीणों द्वारा संचालित है गौठान और गोधन न्याय योजना
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए गांवों में निर्मित गोठान और गोधन न्याय योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया संबल मिला है। गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत अब तक 116 करोड़ रूपए से अधिक की गोबर खरीदी की जा चुकी है। खरीदे गए गोबर से राज्य के लगभग 7800 गौठानों में बहुतायत रूप से वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट का उत्पादन महिला समूहों द्वारा किया जा रहा है। गौठानों अब तक उत्पादित एवं विक्रय की गई कम्पोस्ट खादों की कीमत 100 करोड़ रूपए…
नई सरकार नई पहल : छत्तीसगढ़ 36 माह, महिलाओं की सुरक्षा के लिए इंटीग्रेटेड प्लान सराहनीय कदम
विकसित देशों पर नजर डालने पर यह बात पता चलती है कि वहां के विकास की भागीदारी में जितना योगदान पुरूषों का है, उतना ही योगदान वहां की महिलाओं का है। इन देशों की महिलाएं वहां की अर्थव्यवस्था में बराबरी से भूमिका निभा रही हैं। देश और प्रदेश की तरक्की के लिए महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना जरूरी है इसलिए महिलाओं को उनके विकास के लिए जरूरी वातावरण और सुविधाएं देने के साथ ही उन्हें उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के…
विशेष लेख : छत्तीसगढ़ के छत्तीस माह, बनने लगी है विकास की नई राह
यह समय का पहिया, कब और कैसे आगे बढ़ जाता है, पता ही नहीं चलता। तीन साल हो गए। हमारी छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल को। पता ही नहीं चला। कोरोना की वजह से दहशत और लॉकडाउन में अनेक चुनौतियां आई। जिस तरह से समय का पहिया आगे बढ़ता गया, ठीक वैसे ही छत्तीसगढ़ में विकास का पहिया चुनौतियों के बीच कभी थमा नहीं। प्रत्येक मुश्किलों और बाधाओं में भी छत्तीसगढ़ की सरकार जनता के लिये, जनता के साथ खड़ी रही। अपनी योजनाओं और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से सम्मान हासिल…
छत्तीसगढ़ मॉडल : परम्परागत व्यवसायों और आस्था के केन्द्रों का हो रहा विकास
छत्तीसगढ़ में कृषि और इससे जुड़े व्यवसाय के लिए सामाजिक ताना-बाना आज भी माकूल है। राज्य में खेती-किसानी लोगों की जीवन चर्या पर अभिन्न अंग है। यह न केवल उनकी आजीविका का स्रोत है, बल्कि उनकी ग्रामीण संस्कृति से भी जुड़ी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का भी काम कर रही है। छत्तीसगढ़ के लोगों में अपनी संस्कृति पर गर्व की भावना जगाने के लिए छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहारों पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई है। वहीं वनांचल में…
