महोत्सव में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के जिला मुख्यालय जांजगीर में चार फरवरी से तीन जाज्वल्य देव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले का आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 में किया जाएगा। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के प्रथम दिवस अर्थात चार फरवरी दोपहर 12 बजे से सरल सरिता भजनामृृत भजन ग्रुप रायपुर द्वारा सुगम गायन एवं कबीर भजन, शाम 7 बजे से छालीवुड पाश्र्व गायक श्री घनश्याम महानंद द्वारा छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य एवं गीत, रात्रि 9 बजे से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। कवि सम्मेलन में गाजियाबाद की श्री कुंवर बेचैन, मुंबई के श्री महेश दुबे, भोपाल के श्री मंजर भोपाली, आगरा की सुश्री रूचि चतुर्वेदी, उदयपुर के श्री सिद्धार्थ देवल और शुजालपुर के श्री गोविन्द राठी शामिल होंगे। इसी तरह पांच फरवरी को शाम 7 बजे से बाड़मेर के श्री भुट्टेखान मांगणियार द्वारा राजस्थानी लोकनृत्य एवं गीत और रात्रि 9 बजे से मुंबई की फिल्म पाश्र्व गायिका सुश्री महालक्ष्मी अय्यर द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। जो आकर्षण का मुख्य केन्द्र होगा। इसी तरह जाज्वल्य दवे लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला के तीसरे दिन अर्थात छ: फरवरी को शाम 7 बजे से नृत्यालय एकादमी की प्रस्तुति, रात्रि 8 बजे से रायपुर की श्रीमती पुर्णाश्री राउत द्वारा ओडि़सी नृत्य और रात्रि 9 बजे से मुंबई के फिल्म पाश्र्व गायक श्री सुरेश वाडेकर द्वारा प्र्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा चार फरवरी से छ: फरवरी तक खेती-किसानी पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। चार एवं पांच फरवरी को प्रात: 11 बजे से कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर जर्वे में खेती-किसानी पर आधारित कार्यक्रम के तहत आधुनिक कृषि यंत्रों की जीवंत प्रदर्शनी एवं कृषि संगोष्ठी (कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उद्यान) देश के सुविख्यात कृषि विज्ञानिकों द्वारा प्रबोधन और छ: फरवरी को प्रात: 10 बजे से पुराना कलेक्टोरेट परिसर में उन्नत नस्ल पशु प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।
कुएं में गिरने से 2 शावकों की मौत, मादा भालू घूम रही आक्रामक होकर
कांकेर। जिले के ठेलकाबोड़ गांव मे 2 शावक भालुओं की मौत कुएं में गिरने से हो गई। माना जा रहा है कि भोजन की तलाश में भालू गांव की ओर आए होंगे तब ये हादसा हुआ होगा। वन अमले ने शवकों के शव निकाल कर पीएम के लिए भेज दिए है। लेकिन शावकों की मं मादा भालू अपने बच्चों के ना मिलने से आक्रमक होकर शहर और आसपास घूम रही है।
रिहायशी इलाके होने के कारण मादा भालू के हमले का खतरा बना हुआ है। ठेलकाबोड़ और गोविंदपुर दोनों जगह भालू को लोगों के बीच से निकलते देखा गया है। वह लोगों पर हमला ना करे दे इसलिए वन विभाग ने गांव में मुनादी करा कर लोगों को घर मे रहने की सलाह दी हैं। मादा भालू गांव के साथ-साथ शहर में भी घूम रही है। आसपास स्कूल होने से खतरा और भी बढ़ गया है।
