WFH अपनाइए, पेट्रोल बचाइए और एक साल सोना मत खरीदिए…’, वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें: PM मोदी

हैदराबाद। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और तेजी से बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने और खर्चों में सावधानी बरतने की अपील की है। पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए भारत को विदेशी मुद्रा बचाने और तेल पर निर्भरता कम करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।

पीएम मोदी ने कहा, ”युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल, गैस के दाम बहुत अधिक बढ़ चुके हैं। सरकार दो महीने से संकट से बचाने के लिए प्रयास कर रही है। सारा बोझ अपने कंधे पर उठा रही है, लेकिन जब सप्लाई चेन पर संकट लगातार बना रहे तो कितने ही उपाय कर लें, मुश्किलें बढ़ती ही जाती हैं। अब हमें एकजुट होकर लड़ना होगा। संकट के इस समय में कुछ संकल्प लेने होंगे और उन्हें पूरे समर्पण भाव से पूरा करना होगा। जैसे पेट्रोल-डीजल का संयम से इस्तेमाल करना।”

प्रधानमंत्री ने लोगों को कोरोना काल के दौरान अपनाए गए ‘वर्क फ्रॉम होम’ मॉडल को फिर से प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंस और घर से काम करने जैसी व्यवस्थाएं देश के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं, क्योंकि इससे पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी।

पीएम मोदी का ये बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर से ज्यादा पहुंच गई है। इसकी बड़ी वजह पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ा तनाव है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को पेट्रोल-डीजल आयात करने के लिए भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में अगर लोग ईंधन की खपत कम करेंगे तो ये देशहित में बड़ा योगदान होगा. उन्होंने इसे केवल आर्थिक नहीं बल्कि ‘राष्ट्रीय जिम्मेदारी’ बताया।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने एक और खास अपील की। उन्होंने कहा कि लोग शादी-ब्याह के लिए एक साल तक सोना खरीदने से बचें। उनका कहना था कि सोने के आयात पर भी देश की बड़ी विदेशी मुद्रा खर्च होती है और मौजूदा परिस्थितियों में बचत बेहद जरूरी है।

केवल ईंधन ही नहीं, प्रधानमंत्री ने खाने के तेल और रासायनिक खादों की खपत कम करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में खाद्य तेल और केमिकल फर्टिलाइजर विदेशों से आयात करता है। अगर लोग खाने के तेल का कम इस्तेमाल करें और किसान प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें, तो इससे देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

संबंधित समाचार

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.