कलेक्टर ने मॉडल गौठानों का किया निरीक्षण
जांजगीर-चांपा। राज्य सरकार की योजना के तहत जिले के विभिन्न गांवों में 136 गौठानों का संवर्धन किया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न विकासखण्डों के पांच गौठानों को आदर्श गौठान के रूप में तैयार किया जा रहा है। कलेक्टर श्री नीरज कुमार बनसोड़ ने आज मालखरौदा तहसील के ग्राम झनकपुर, तहसील मालखरौदा के ग्राम बुंदेली और सक्ती तहसील के ग्राम पोरथा में बनाये जा रहे मॉडल गौठानों का निरीक्षण किया। जिला पंचायत सीईओ श्री अजीत वसंत ने ग्राम पोरथा में उपस्थित किसानों से चर्चा की। नरवा, गरवा, घुरवा और बारी के संवर्धन योजना के संबंध में जानकारी दी।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों और उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा कर आदर्श गौठान के लाभ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गौठानों में पशुओं को संरक्षित रखा जाएगा। इससे फसलों की रखवाली करने की आवश्यकता नहीं होगी। मवेशियों को छांव, पानी व चारा एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। गौठानों के मवेशियों को आवश्यकता पड़ने पर पशु चकित्सक द्वारा उपचार एवं दवाईयां भी नि:शुल्क मिलेगी। चरवाहों की नियुक्ति होगी। मवेशियों के गोबर से जैविक खाद व छेना तैयार किया जाएगा। सोलर पंप या अन्य प्राकृतिक श्रोत से पानी की व्यवस्था की जा रही है। करीब 300 मवेशियों के लिए तीन एकड़ में गौठान और तीन एकड़ में चारा उत्पादन भी किया जाएगा। मवेशियों को चारा के लिए मचान में पैरा रखा होगा और कोटना में पानी उपलब्ध रहेगा। गौठान परिसर में वृक्षारोपण किया जाएगा। वृक्ष के बड़े होने पर मवेशियों को छांव का भी लाभ मिलेगा। गौठानों का उन्नयन में आधुनिक संसाधनों का उपयोग होगा एवं परंपरागत तरीके से विकसित भी करने का प्रयास किया जा रहा है ।
ग्राम पंचायत कंवलाझर के उप सरपंच श्री धनिराम ने कलेक्टर को बताया कि वह स्वयं चरवाहा का काम करते आये हैं। सरकार की इस योजना में भी वह बहुत उत्साह के साथ शामिल होंगे। कलेक्टर ने कंवलाझर ग्राम पंचायत के ग्राम झनकपुर के किसान किशुनलाल के घुरवा और बाड़ी का भी निरीक्षण किया। किशुनलाल को कृषि विभाग, उद्यान विभाग के अधिकारियों के सहयोग से घुरवा और बाड़ी का उन्नयन करने की सलाह दी। जैविक खाद का महत्व बताया। रसायनिक खाद के नुकसान से भी अवगत कराते हुए जैविक खाद से फसल उत्पादन में वृद्धि की जानकारी दी। घुरवा के अपशिष्ट को सड़ाने के लिए डी-कम्पोस्ट के उपयोग एवं प्रशिक्षण के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। योजना के तहत बाड़ी में आम, अमरूद आदि के पौधरोपण और नि:शुल्क सब्जी बीज योजना से भी अवगत कराया।
ग्राम पंचायत बुंदेली के संतोष गबेल ने कलेक्टर को बताया कि वह विगत कई वर्षो से अपने बाड़ी में ही परंपरागत तरीके से तैयार किये गये खाद का उपयोग करते थे। इस वर्ष कृषि विभाग के अधिकारियों से खाद बनाने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया है। डी-कम्पोस्ट के उपयोग एवं नियमित पानी डालने से घुरवा में सड़न की प्रक्रिया तेज हुई है। मिट्टी को पलटने से खाद की मात्रा भी बढ़ी है। आगामी खरीफ फसल में जैविक खाद का उपयोग करेगें। अपनी बाड़ी में भी उद्यान विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये फलदार पौधों का रोपण किया है। भिंडी बीज भी विभाग द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई है। मौसम की अनुकूलता के साथ ही बाड़ी में भिंडी बीज लगायेगेें। उन्होंने बताया कि उनका 5.62 एकड़ कृषि भूमि है। इसके अलावा आधे एकड़ में सब्जी भाजी लगाते हैं। घर में सात मवेशियां हैं । जिसके गोबर से जैविक खाद तैयार हो जाता है। दूध का भी उत्पादन हो जाता है।
तहसील सक्ती के ग्राम पोरथा-सरायपाली निवासी श्री अजीत बंजारे ने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा मुनगा, अमरूद, आम के कुल 5 पौधे मिले हैं। इस वर्ष उद्यान विभाग से प्रशिक्षण प्राप्त कर जैविक खाद का बाड़ी में उपयोग किया जाएगा। घर में मवेशी होने के कारण जौविक खाद के लिए अपशिष्ट आसानी से उपलब्ध है। वे विगत कई वर्षो से सक्ती के बाजार में सब्जियां बेचकर जीवन यापन कर रहे हैं। कृषि विभाग से भी घुरवा के उन्नयन के लिए प्रशिक्षण लिया है। उद्यान विभाग द्वारा सब्जी बीज भी नि:शुल्क उपलब्ध करायी गई है।
