नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिवाली के मौके पर गुलाब का फूल लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं देने वाले वीडियो पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तंज कसा है। हिमंता ने गुलाब को वैलेंटाइन डे से जोड़ते हुए राहुल गांधी को नसीहत दी कि दिवाली पर गुलाब देने के बजाय इसे वैलेंटाइन डे के लिए बचाकर रखें। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के साथ सड़क पर नहीं, बल्कि संसद में बहस करने की चुनौती दी।
हिमंता बिस्वा सरमा ने 4 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा, “राहुल जी, गुलाब वैलेंटाइन डे पर देते हैं, दिवाली पर नहीं।” उन्होंने आगे कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में नेता प्रतिपक्ष हैं और प्रधानमंत्री से चर्चा करना चाह
ते हैं, तो यह बहस सड़क या गली में नहीं, बल्कि संसद में होनी चाहिए।
हिमंता ने अपने वीडियो संदेश में राहुल गांधी से सवाल किया कि प्रधानमंत्री के साथ बहस का सही मंच कौन-सा है—सड़क, गली या संसद? उन्होंने कहा कि संसद में स्पीकर मौजूद हैं और चर्चा के लिए पर्याप्त मुद्दे हैं। राहुल गांधी बहस की शुरुआत करें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसका जवाब दें।
मुख्यमंत्री ने बोफोर्स से लेकर भोपाल गैस त्रासदी तक के मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में शांतिपूर्ण और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से हंगामा करने के बजाय सदन में मुद्दों पर बहस करने की अपील की।
हिमंता ने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को हमेशा ‘एंग्री यंग मैन’ की भूमिका निभाने के बजाय संसद में शांतिपूर्वक बहस करनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राजनीतिक चर्चा के लिए लोगों को सड़कों पर बुलाने की जरूरत क्यों पड़ती है।
आपके बताए वीडियो के सार के अनुसार, हिमंता ने चुनावी नतीजों और EVM को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि असम में भाजपा की जीत पर विपक्ष मैच फिक्सिंग का आरोप लगाता है, जबकि विपक्ष की जीत को सही मान लिया जाता है। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी से जीत पर EVM पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन राहुल गांधी की रायबरेली से जीत पर सवाल नहीं किए जाते।
यह टिप्पणी चुनावी प्रक्रिया और EVM को लेकर भाजपा तथा विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के संदर्भ में सामने आई है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री अपनी पसंद का मंच और समय तय कर सकते हैं। राहुल ने आर्थिक व्यवस्था, अमेरिका के साथ समझौते और अडाणी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग उठाई थी। इसी चुनौती के जवाब में हिमंता ने बहस के लिए संसद को उचित मंच बताया।
देखा गया कि इस राजनीतिक टकराव में दिवाली की शुभकामनाओं के लिए इस्तेमाल किए गए एक गुलाब से शुरू हुई बात अब संसद में बहस, चुनावी प्रक्रिया और राजनीतिक जवाबदेही तक पहुंच गई है।
बहरहाल, राहुल गांधी की बहस की चुनौती पर हिमंता बिस्वा सरमा का यह जवाब भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक बयानबाजी का नया अध्याय बन गया है।
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