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आधुनिक और नगदी फसलों की खेती ने बदली की तकदीर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहचान लंबे समय से धान के कटोरे के रूप में रही है, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार की पहल से राज्य की कृषि अब पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ रही है। खेत में बेहतर उत्पादन से लेकर आधुनिक तकनीक, सिंचाई, फसल विविधीकरण, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच बनाने की कोशिशों ने खेती को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के व्यापक बदलाव का माध्यम बना दिया है। इसका असर फसल उत्पादन के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है।

छत्तीसगढ़ में पारंपरिक धान की खेती के अलावा अदरक, गेंदा फूल, बागवानी, और मछली पालन जैसी आधुनिक और नगदी फसलों की खेती से किसानों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। किसान अब केवल धान तक सीमित न रहकर अदरक, गेंदा और अन्य फूलों की खेती से प्रति एकड़ लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे

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