मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास: दक्षिण बस्तर में 51 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण, शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता सामने आई है। जिला बीजापुर में 30 और सुकमा में 21 माओवादी कैडरों ने राज्य सरकार की पुनर्वास आधारित पहल “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” के अंतर्गत आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल 1.61 करोड़ का इनाम घोषित था।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हथियारों का परित्याग कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था व्यक्त करना यह स्पष्ट संकेत देता है कि सुरक्षा, सुशासन और समावेशी प्रगति ही किसी भी क्षेत्र के दीर्घकालिक भविष्य की सुदृढ़ नींव होते हैं। यह घटनाक्रम बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का सकारात्मक और ठोस परिणाम है। बीते दो वर्षों में बस्तर के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इस विकासात्मक पहल ने भटके युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक जीवन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की सुशासन आधारित नीति का केंद्र बिंदु सुरक्षा के साथ-साथ विश्वास, पुनर्वास और भविष्य की संभावनाओं का निर्माण है। आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विज़न, माननीय अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा राज्य सरकार के सतत प्रयासों से बस्तर आज भय और हिंसा से निकलकर विश्वास, विकास और नए अवसरों की ओर तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में बस्तर एक विकसित, शांत और समृद्ध क्षेत्र के रूप में देश के सामने नई पहचान स्थापित करेगा।

संबंधित समाचार

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.