न्यूज़ डेस्क (Bns)। बेंगलुरु में इसरो वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए PM मोदी भावुक हो गए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं जल्द से जल्द आपके दर्शन करना चाहता था और आपको सलाम करना चाहता था। मेरी आंखों के सामने 23 अगस्त का वो दिन, वो एक-एक सेकंड बार-बार घूम रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बेंगलुरु में इसरो के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि आप ‘मेक इन इंडिया’ को चंद्रमा तक लेकर गए।
आपने एक पूरी पीढ़ी को जागृत किया है और उन पर गहरी छाप छोड़ी है। चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर के चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने की याद में भारत 23 अगस्त को ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ के रूप में मनाएगा। चंद्रमा की सतह के जिस स्थान पर चंद्रयान-2 ने 2019 में अपने पदचिह्न छोड़े थे, उसे ‘तिरंगा पॉइंट’ के नाम से जाना चाहिए।
23 अगस्त के ऐतिहासिक दिन भारत का मून मिशन कामयाब हुआ और ‘चंद्रयान-3’ चांद की सतह पर लैंड हुआ। इस संबंध में आज प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण दिया। पीएम ने अपने भाषण में बेहद अहम घोषणा करते हुए बताया कि आज से भारत हर साल 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे “National Space Day” के तौर पर मनाएगा। इतना ही नहीं पीएम में लैंडिग वाली जगह के नाम की भी घोषणा की है।
इसरो वैज्ञानिकों से बात करते हुए पीएम श्री@narendramodi
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पीएम ने कहा कि “आपने ‘मेक इन इंडिया’ को चंद्रमा तक विस्तारित किया है। मैं देशवासियों को बताना चाहता हूं। दक्षिणी भारत से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक का रास्ता आसान नहीं था। कृत्रिम चंद्रमा बनाया गया और विक्रम लैंडर को विभिन्न तरीकों से उतारा गया। ये सफल होना निश्चित था। आपने अपनी सफलता से भारत के युवाओं पर बहुत बड़ा प्रभाव छोड़ा है जो एक विकसित भारत की नींव बनेगा। 23 अगस्त को भारत ने चंद्रमा पर झंडा फहराया। अब से, उस दिन को भारत में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में जाना जाएगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि जिस स्थान पर लैंडर चंद्रमा पर उतरा, उसे ‘शिवशक्ति’ के नाम से जाना जाएगा और जहां चंद्रयान-2 ने छुआ था, उसे ‘तिरंगा प्वाइंट’ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा, ‘जिस स्थान पर चंद्रयान-3 का मून लैंडर उतरा, उस स्थान को ‘शिवशक्ति’ के नाम से जाना जाएगा।’
बताते चलें कि प्रधानमंत्री मोदी बेंगलुरु में इसरो टेलीमेट्री ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क मिशन कंट्रोल कॉम्प्लेक्स में वैज्ञानिकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हालांकि वे दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस में थे लेकिन उनका मन यहीं था क्योंकि भारत चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग की तैयारी कर रहा था। पीएम मोदी ने चंद्रमा की सतह पर भारत के तीसरे चंद्रमा मिशन की लैंडिंग साइट का नाम भी ‘शिव शक्ति’ रखा।
