वनांचलों का विकास: नए फैसले नई रणनीति

प्रदेश में लगभग एक तिहाई आबादी अनुसूचित जनजातियों की है। आदिवासी अंचलों के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा तेजी से नए फैसले लिए जा रहे है। इन फैसलों को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। वनांचल में रहने वाले आदिवासी समुदाय के जनजीवन को आसान बनाने के लिए नए रास्ते तलाशने शुरू कर दिए हैं। स्थानीय लोगो को मूलभूत सुविधाएं देने का मुद्दा हो या रोजगार का मुद्दा हो इन सभी क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है। आदिवासी समुदाय की संस्कृति संरक्षण के लिए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य…

शिक्षा में चुनौतियों को दूर करने व्यवहारिक कदम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग में जल्द ही राज्य ने दूर-दराज के क्षेत्रों में विषय शिक्षकों की कमी की समस्या को हल करने की घोषणा की है। इसके लिए एक पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में 10 फरवरी 2020 को वीडियो कॉल एप्लीकेशन का उपयोग करने की पहल की गई है। डिजिटल सामग्री और ई-लर्निंग, अनुभवी शिक्षकों द्वारा अयोजित प्रसारण कक्षाएं आदि के माध्यम से सुविधाओं और सुविधाओं के साथ सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता को सम्बोधित करने में प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। स्मार्ट प्रौद्योगिकियां बच्चों को…

मदकूद्वीप में देखने को मिलता है सामाजिक समरसता का अद्भूत संगम, वर्ष में चार बार लगता है मेला

रायपुर। कहा जाता है कि मदकूद्वीप में कभी माण्डुक्य ऋषि का आश्रम था। ऐसी मान्यता है कि मंडूक ऋषि ने यहीं पर मंडूकोपनिषद की रचना की थी। उन्हीं के नाम पर इस जगह का नाम मंडूक पड़ा। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के विकासखण्ड पथरिया में शिवनाथ नदी तट पर स्थित मदकूद्वीप में सामाजिक समरसता का अद्भूत संगम देखने को मिलता है। मदकूद्वीप में प्रति वर्ष में चार बार मेला लगता है। यहां 9 अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर एक दिन का मेला लगता है। महाशिवरात्रि में एक दिन…

छत्तीसगढ़ी गहनों के सौंदर्य को निहारेगा पूरा देश

छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में प्रचलित गहनों का सौंदर्य अब राजपथ से पूरे देश में बिखरेगी। नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड़ में अब की बार छत्तीसगढ की झांकी को नेतृृत्व करने का मौका मिल रहा है। आभूषणों और शिल्पकलाओं की थीम पर बनी यह झांकी छत्तीसगढ़ के लोक-जीवन और समाज में कलात्मक सौंदर्यप्रियता को प्रतिबिंबित करती है। इस झांकी में बस्तर के आदिवासी समुदाय के ककसार नृृत्य की मनमोहक प्रस्तुति भी कलाकार देंगे। गणतंत्र दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व में इस झांकी के जरिए छत्तीसगढ़ की आदिवासी कला…

नक्सल प्रभावित नारायणपुर: तमाम चुनौतियों के बावजूद जिले में बदलाव की बयार

नारायणपुर(बीएनएस)। तमाम चुनौतियों के बावजूद नारायणपुर जिले में सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है, बुनियादी ढांचा भी खड़़ा हुआ है। या यह कहिए कि जिले में बदलाव की बयार आयी है। सड़क, पुल-पुलिया और दूरसंचार के साधन पहले की अपेक्षा बढ़े हैं और लोगों का आत्मविश्वास भी। बदलाव की प्रक्रिया निरंतर जारी है। इसके अलावा अब ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से बेहतर नेट कनेक्टिविटी, बैंकिग सुविधाओं के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण कार्यो के अलावा स्व सहायता समूूहों के सदस्यों और युवाओं कोे रोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न ईलाकों में…

राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों के आकलन में छत्तीसगढ़ बना रोल मॉडल

रायपुर(बीएनएस)। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा में लगातार नवाचार और गुणवत्ता शिक्षा को निरंतर बल प्रदान किया जा रहा है। कक्षा पहली से आठवीं तक के स्कूली बच्चों का राज्य स्तरीय आकलन में 43 हजार 824 स्कूलों के 28 लाख 93 हजार 738 बच्चों का गुणवत्ता सुधार हेतु आकलन किया गया। विगत एक वर्ष में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया गया राज्य स्तरीय आकलन राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों के आकलन के लिए रोल मॉडल बन गया है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी निहित क्षमताओं का सर्वश्रेष्ठ परिवर्तन कर…

राजिम माघी पुन्नी मेला: आस्था, आध्यात्म और संस्कृति का संगम

छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के नाम से प्रसिद्ध राजिम का विशेष धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। प्राचीन काल से ही राजिम मेला लोगों की आस्था, श्रद्धा और विश्वास का केन्द्र रहा है। राजधानी रायपुर से मात्र 45 किलोमीटर दूर राजिम में प्रतिवर्ष फरवरी-मार्च में माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक लगभग पन्द्रह दिन ‘माघी पुन्नी मेला लगता है। ऐसी मान्यता है कि हिन्दू धर्म के चार धामों में से एक जगन्नाथपुरी की यात्रा तब तक पूरी नहीं होती जब तक श्रद्धालु राजिम की यात्रा नहीं कर लेते हैं। भगवान श्री राजीव…

स्वामी विवेकानंद जयंती : युवा महोत्सव पर विशेष, युवा महोत्सव में दिखेगी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की इंद्रधनुषी छटा

युवा शक्ति और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राजधानी रायपुर आयोजित किया जा रहा ‘युवा महोत्सव’ छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रतिभा, कौशल, ऊर्जा और उत्साह का अदभुत संगम होगा। महोत्सव में युवा शक्ति की रचनात्मक प्रतिभा देखने को मिलेगी। युवा इस महोत्सव के जरिए जहां अपनी संस्कृति से जुड़ेगे वहीं आपने पारंपरिक खेलों और विभिन्न विधाओं में जौहर भी दिखाएंगे। लोक संस्कृति और परम्परा की गहराईयों को आत्मसात कर पाएंगे। विविध संस्कृति वाले इस राज्य में महोत्सव के दौरान मिनी भारत की छटा लोगों को देखने को…

छत्तीसगढ़ धरा में बसी है लोकनृत्य- गीत की इंद्रधनुषी छटा : लोकजीवन की मनोहारी झांकी है ददरिया

रायपुर। छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परम्पराएं एवं मान्यताएं लोकनृत्य-गीतों के रूप में अद्वितीय रूप से अभिव्यक्त होती है। जिनमें छत्तीसगढ़ धरा की समृद्ध सभ्यता एवं संस्कृति की इंद्रधनुषी छटा दिखाई देती है। मिट्टी से जुड़ी हमारी लोक संस्कृति नृत्य-गीतों में ग्रामीण जनजीवन जीवंत रूप में प्रकट होता है। इन्ही मिट्टी की खुशबू को संजोए रायगढ़ लोक रंग नाचा के कलाकार स्वामी विवेकानंद की स्मृति में 12 से 14 जनवरी को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय ‘छत्तीसगढ़ युवा उत्सव’ में अपनी प्रस्तुति देंगे। राजधानी में आयोजित…

दानशीलता का महापर्व छेरछेरा

छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपरा में छिपे हैं कई नैतिक मूल्य, दानशीलता और परोपकार की भावना। छेरछेरा महापर्व हमारी इसी परम्परा का अंग है। छत्तीसगढ़ की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था से जुड़ा यह त्यौहार अच्छी फसल होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह समाज को जोड़ने वाला त्यौहार है। इस दिन अमीर-गरीब, छोटे-बड़े का भेदभाव मिट जाता है। इस दिन अन्नपूर्णा देवी और शाकंभरी मां की पूजा की जाती है। इस त्यौहार के पीछे यह लोक मान्यता है कि इस दिन अन्न दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती…