विशेष लेख : छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर वनांचलों में खुशहाली और तरक्की की नई बयार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में आदिवासियों की उन्नति और बेहतरी के लिए कई अभिनव योजनाएं बनाकर सार्थक पहल की जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर ढाई हजार रूपए से बढ़ाकर चार हजार रूपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है। यह दर देश में सबसे अधिक है। अब 15 वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी। बस्तर में प्रस्तावित स्टील प्लांट नहीं बनने पर लोहंड़ीगुड़ा क्षेत्र के किसानों की अधिगृहित भूमि लौटाने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया है। यहां आदिवासियों को 4200 एकड़…

(शिक्षक दिवस पर विशेष लेख) : आओ शिक्षक बनकर राष्ट्र निर्माण करें

रायपुर। देश के प्रथम उपराष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। जब वे भारत के राष्ट्रपति थे तब कुछ पूर्व छात्रों और दोस्तों में उनसे अपना जन्मदिन मनाने का आग्रह किया। उन्होंने विनम्रता दिखाते हुए कहा कि यह बेहतर होगा कि आप इस दिन को शिक्षकों के योगदान के तौर पर मनाए। इसके बाद 5 सितम्बर को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। हमारी जिंदगी में पहले शिक्षक होते हैं हमारे माता-पिता। आखिर सीखना-सिखाना…

ग्रामीण जनजीवन में खुशहाली का प्रतीक : पोला तिहार

रायपुर। खेती किसानी में पशुधन के महत्व को दर्शाने वाला पोला पर्व छत्तीसगढ़ के सभी अंचलों में परम्परागत रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। खेती किसानी में पशुधन का उपयोग के प्रमाण प्राचीन समय से मिलते हैं। भारतीय संस्कृति में पशु पूजा की परम्परा रही है, इसके प्रमाण सिन्धु सभ्यता में भी मिलते हैं। पोला मुख्य रूप से खेती-किसानी से जुड़ा त्यौहार है। भादों माह में खेती किसानी का काम समाप्त हो जाने के बाद अमावस्या को यह त्यौहार मनाया जाता है। चूंकि इसी दिन अन्न माता गर्भ…

पुरखों के सपने होंगे साकार: लोगों की बढ़ी क्रय शक्ति और बढ़ा मान-सम्मान

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में पुरखों के सपनों को साकार करने के लिए तेजी से फैसले लिए जा रहे हैं। जनता की नब्ज को पहचानते हुए मुख्यमंत्री ने हाल के 6-7 माह में प्रदेश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए कई निर्णय लिए हैं। औद्योगिक वातावरण को बदलने के लिए खनिज आधारित उद्योगों के स्थान पर कृषि आधारित नए उद्योगों की स्थापना के लिए पहल की जा रही है, इससे जहां स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा वहीं किसानों और वनाचलों…

‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ के संकल्प को हम सब मिलकर पूरा करेंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने लगभग 08 माह के कार्यकाल में एक विशेष पहचान स्थापित की है। (इसमें ढाई से तीन माह तक लोकसभा चुनाव 2019 की आदर्श आचरण सहिता प्रभावशील रही) चाहे वह किसानों का अल्पकालीन कृषि ऋण माफ हो, या 2500 रूपये प्रति क्विंटल की दर से वाजिब दाम देकर समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन शामिल है। ऋण माफी योजना से प्रदेश के 19 लाख किसानों के 11 हजार करोड़ रूपये से अधिक का कर्ज माफ किया गया। प्रदेश की मेहनतकश किसानों के पसीने…

विश्व आदिवासी दिवस सम्मान का प्रतीक

छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य प्रदेश है। यहां के घने जंगल, पहाड़, नदियों से भरे पड़े हैं। इनकी मनमोहक छटाओं ने देश और विदेशों में अपना अनुपम छाप छोड़ा है। बस्तर में चित्रकोट, तीरथगढ़, तामड़ा घूमर, जैसे अनेक जलप्रपात है। दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी मंदिर, बारसूर में गणेश मूर्ति और अनेक प्राचीन मंदिर विरासत की एक पहचान है। जंगलों में वर्षो से बसने वाले भोले-भाले आदिवासी सरल और शांतिप्रिय होते है। यहां का इतिहास, लोक कला संस्कृति, नृत्य, वाद्य, श्रृंगार, चित्रकारी और कलाकृति विश्व विख्यात है। बस्तर का क्षेत्र अनेक खनिज संपदाओं…

आदिवासी समुदाय को जल, जंगल और जमीन से जोड़ने की सार्थक पहल

रायपुर। मूलनिवासियों को हक दिलाने और उनकी समस्याओं का समाधान, भाषा, संस्कृति, इतिहास के संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा द्वारा 9 अगस्त 1994 को जेनेवा शहर में विश्व के मूलनिवासी प्रतिनिधियों का ’प्रथम अंतर्राष्ट्रीय मूलनिवासी दिवस’ सम्मेलन आयोजित किया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने व्यापक चर्चा के बाद 21 दिसम्बर 1994 से 20 दिसम्बर 2004 तक ’’प्रथम मूलनिवासी दशक’’ और प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को मूल निवासी दिवस (विश्व आदिवासी दिवस) मनाने का फैसला लिया और विश्व के सभी देशों को मनाने के निर्देश दिए। भारत के…

भारत का ऐतिहासिक दिन-धारा 370 खत्म, अब कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक

15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआं। उसके बाद आज का दिन ऐतिहासिक है, जब कश्मीर से धारा 370 खत्म कर दिया गया। लम्बे समय से चल रहे विवाद अब खत्म कर दिया गया है, जिसमें कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक हो गया। सही कहा जाए तो भारत देश को पूरी आजादी आज ही मिली है। इस आजादी के लिए भारत के कितनों वीर जवानों एवं आम नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है। धारा 370 के कारण पाकिस्तान हमेशा भारत को नुकसान पहुंचाते आ रहे थे। इस निर्णय…

छत्तीसगढ़ के पहली तिहार ‘‘हरेली’’

छत्तीसगढ़ मा किसान मन के पहली तिहार के शुरूआत हरेली तिहार ले होथे। ये तिहार ला किसान मन खेती के बोआई, बियासी के बाद मनाथे। जेमा नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा ला चक उज्जर करके औउ गौधन के पूजा-पाठ करथे संग मा कुलदेवी-देवता, इन्द्र देवता, ठाकुर देव ला घलो सुमरथे। ये दिन किसान मन पर्यावरण बनाये राखे बर और सुख-शांति बनाये रखे के प्रार्थना करथे। बैगा मन रात में गांव के सुरक्षा करे बर पूजा-पाठ करथे। धान के कटोरा छत्तीसगढ़ महतारी ला किसान मन खेती-किसानी के उन्नति और विकास बर सुमरथे।…

वाहन दुर्घटनाएं रोकने जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बने ……

यह आम बात हो गयी है कि सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें कईयों की जान चली गयी और कई लोग घायल हो गये प्रायः यह घटना देखने और सुनने को मिलती है। दिन-प्रतिदिन वाहनों की बिक्री से उनकी संख्या बढ़ती जा रही है, जितने तो लोग नहीं उनसे अधिक वाहन हो गयी है। एक व्यक्ति के पीछे 2 गाडियां। इसके साथ ही गाडियों की रफ्तार भी बढ़ती ही जा रही है। सुविधा की दृष्टि से शासन द्वारा यातायात का दबाव कम करने के लिए कई हाईवे, फोरलेन, सिक्सलेन और ना जाने…