संयुक्त राष्ट्र (UNGA) की ऐतिहासिक सत्र, आम सभा को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, दो चर्चाओं में लेंगे हिस्सा

न्यूज़ डेस्क। इस साल के संयुक्त राष्ट्र महासभा के ऐतिहासिक सत्र का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भागीदारी होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी दो बेहद उच्चस्तरीय चर्चाओं में भाग लेंगे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत व स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने UNGA के 75वें सत्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार का सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है। उन्होंने कहा कि सोमवार से शुरू होने जा रहे इस डिजिटल सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो डिबेट में हिस्सा लेंगे। तिरुमूर्ति ने कहा कि पहली डिबेट एक सामान्य डिबेट की तरह होगी जहां PM मोदी राष्ट्रीय स्टेटमेंट रखेंगे। इसके अलावा सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के 75वें सत्र की शुरुआत को लेकर दूसरी डिबेट ब महत्वपूर्ण बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन निश्चित रूप से UNGA में हमारे देश की भागीदारी का मुख्य आकर्षण होगा।

उन्होंने बताया कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की तर्ज पर होने वाली कुछ मंत्रिस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम एक अलग तरह की परिस्थिति में इस सत्र में भाग लेने जा रहे हैं जो काफी दिलचस्प होने वाला है। वहीं कोरोना संकट और यह महत्वपूर्ण बैठक दोनों हम लोगों को कुछ अलग करने के लिए प्रेरित करेगा।

संयुक्त राष्ट्र की 75वीं सालगिरह

तिरुमूर्ति ने कहा कि पीएम मोदी पहले आम चर्चा में हिस्सा लेंगे। वो यहां भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय बयान जारी करेंगे। फिर वो यूएन की 75वीं सालगिरह के मौके पर उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, ‘उनका भाषण UNGA में हमारी भागीदारी का हाइलाइट होगा।’

UN में पहली बार होगी जैव विविधता पर चर्चा

तिरुमूर्ति ने बताया कि 30 सितंबर को एक बायोडायवर्सिटी समिट का आयोजन होगा। यह यूएन में जैव विविधता पर पहला सम्मेलन होगा। भारत के पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर इस सम्मेलन में भाग लेंगे। तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े जैव विविधता वाले टॉप 10 देशों में एक है। भारत ने जैव विविधता के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका अदा की है।

सत्र की थीम है- चाहत का भविष्य, जरूरत का यूएन

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र आम सभा के आगामी सत्र की थीम है- चाहत का भविष्य, जरूरत का यूएन (The Future We Want, The UN We Need) है। इस थीम के तहत ‘बहुलतावाद के प्रति हमारी साझी प्रतिबद्धता की मजबूती और बहुपक्षीय कार्रवाइयों से कोविड-19 का सामना’ किए जाने पर जोर दिया जाएगा।

UNGA सेशन पर कोरोना का असर

तिरुमूर्ति ने कहा कि UNGA की मीटिंग इस बार बिल्कुल अलग होगी क्योंकि दुनिया कोरोना वायरस के प्रकोप से अब भी जूझ रही है। कोविड-19 के कारण यात्रा पाबंदियों के मद्देनजर ज्यादातर नेता UNGA सेशन में भाग लेने न्यूयॉर्क नहीं आएंगे। उन्होंने कहा, ‘दुनियाभर के नेता अपने भाषण पहले ही रिकॉर्ड कर लेंगे जिन्हें निश्चित समय पर जारी कर दिया जाएगा। वैसे आम सभा का हॉल खाली नहीं रहेगा। हरेक प्रतिनिधिमंडल का एक प्रतिनिधि को यहां आने की अनुमति होगी। वो अपने राष्ट्राध्यक्षों के रेकॉर्डेड वीडियो जारी कर सकेंगे।’

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