नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद रवि किशन ने लोकसभा में मांग की कि फिल्म जगत के कलाकारों को पर्दे पर उनके दिखने की अवधि अनुरूप रॉयल्टी मिलनी चाहिए। शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए रवि किशन ने कहा कि हॉलीवुड और चीन के फिल्म जगत में कलाकारों के लिए रॉयल्टी की व्यवस्था है और ऐसा हिंदी, भोजपुरी तथा दक्षिण सिनेमा में काम करने वाले कलाकारों के लिए भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिनय के दौरान कलाकारों की पर्दे पर जितनी उपस्थिति रहती है, उस लिहाज से उन्हें फिल्म रिलीज होने के बाद टेलीविजन चैनल आदि पर दिखाये जाने के लिए भी रॉयल्टी मिलनी चाहिए जिसकी एक सीमा तय की जा सकती है।
शून्यकाल में वाईएसआरसीपी के पी वी मिथुन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के कडप्पा और चित्तूर में बाढ़ से हुए नुकसान के लिए केंद्र से आकलन करने की मांग की। केरल से माकपा के ए एम आरिफ ने मुल्लापेरियार बांध का विषय उठाया तो तमिलनाडु के कुछ सदस्य उनकी बात का विरोध करते हुए देखे गये।
आज सदन में फ़िल्म इडस्ट्रीज से जुड़े हिंदी, देलगु, भोजपुरी, उड़िया, मराठी, जिस भी भाषा के कलाकार है l
उनको फ़िल्म की रायल्टी सुनिश्चित हो जैसे की हॉलीवुड के कलाकारों को सुविधा मिलती है प्रमुखता से सदन में मांग किया l
जैसे रायल्टी सुविधाएं गीतकारों को मिलती है देश के समस्त कलाकारो pic.twitter.com/4OiYxwZAjw— Ravi Kishan (Modi Ka Parivar) (@ravikishann) December 8, 2021
तृणमूल कांग्रेस की शताब्दी राय ने कहा कि देशभर में दूरदर्शन के अनेक केंद्र बंद होते जा रहे हैं, जो चिंता की बात है। उन्होंने सरकार से इस बारे में भी विचार करने को कहा कि दूरदर्शन नुकसान में क्यों है जबकि अन्य निजी चैनल लाभ कमा रहे हैं।