समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान भूमाफिया घोषित, UP पुलिस ने कसा शिकंजा, कुल 23 FIR दर्ज
रामपुर। रामपुर से सांसद और समादवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में दबादबा रखने वाले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद आजम खां को रामपुर में भू माफिया घोषित किया गया है।
जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीनें कब्जाने के आरोप में फंसे आजम खां को प्रशासन ने भूमाफिया घोषित कर दिया है।
जिला अधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक ऐसे लोगों को भूमाफिया घोषित किया जाता है जो दबंगई से जमीनों पर कब्जा करने के आदी हैं। जो लोग अवैध कब्जे को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं और जिनके खिलाफ पुलिस में केस दर्ज है उनका ही नाम उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल पर दर्ज कराया जाता है। सरकार भी इसकी निगरानी करती है। उपजिलाधिकारी सदर प्रेम प्रकाश तिवारी ने बताया कि आजम खां का नाम भू माफिया पोर्टल पर दर्ज करा दिया गया है। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
उप जिला अधिकारी की ओर से आजम का नाम उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल पर दर्ज कराया गया है। आजम खां के खिलाफ एक सप्ताह के दौरान जमीन कब्जाने के 13 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें एक मुकदमा 12 जुलाई को प्रशासन की ओर से दर्ज कराया गया, जिसमें कहा गया है कि आलिया गंज के 26 किसानों ने जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है।
इन सभी किसानों ने जिला अधिकारी को शपथ पत्र के साथ शिकायत दर्ज कराई थी कि आजम खां ने उनकी जमीन जबरन जौहर यूनिवर्सिटी में मिला ली है। तत्कालीन सीओ सिटी आले हसन खां ने उन्हें डराया धमकाया। हवालात में बंद किया और चरस व स्मैक में जेल भेजने की धमकी दी। इसी कारण उन्होंने शुरू में शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुताई। यह मामला दर्ज करते ही पुलिस ने उसी रात मोहम्मद अली जौहर विवि में मुख्य सुरक्षा अधिकारी बने आले हसन खान के आवास पर छापा मारा। तब आले हसन हाथ नहीं लग सके, लेकिन पुलिस उनके बेटे को गिरफ्तार करके ले गई।
आले हसन के बेटे और पत्नी के खिलाफ भी सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद आलिया गंज के उन सभी 26 किसानों ने अजीम नगर थाने में अलग-अलग तहरीर दी। इनमें से 12 किसानों की तहरीर पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है, जबकि 14 किसानों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी है।
