छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी के लिए कार्य योजना बनाकर कार्य करें – कलेक्टर
जांजगीर-चांपा। कलेक्टर श्री नीरज कुमा बनसोड़ की अध्यक्षता में आज जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा और बारी का विकास राज्य शासन का प्रमुख चिनहारी है। इन्हे ध्यान में रखते हुए गावों का समन्वित विकास के लिए कार्य योजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दियें।
बैठक में कलेक्टर श्री बनसोड़ ने कहा कि ग्रामीण अंचल में रहने वाले किसानों के लिए स्थानीय नाले, उसके पालतू पशु, सामान्य परंपरागत उपज से निकलने वाले उत्पाद और घर से लगे बाड़ी का विकास करके समेकित विकास किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के साथ समन्वित कार्ययोजना बनाकर निर्माण कार्य करने के निर्देश दिये। बैठक में उन्होंने कहा कि जल क्षेत्र को आवश्यकता के अनुरूप चिन्हांकन कर जल संवर्धन और उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उनकी मौलिकता को बनाये रखते हुए पक्की संरचनाओं का निर्माण करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिये हैं। बैठक में उन्होंने कहा कि पशुपालन प्रत्येक ग्रामीण परिवार के जीवन का महत्पपूर्ण हिस्सा है उनके आवास और भोजन की उचित व्यवस्था के लिए प्रत्येक विकासखण्ड में चारागाह के साथ पक्का गोठान बनाने के निर्देश दिये। इन कार्यो को महात्मागांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना एवं जल संरक्षण क्षेत्र योजना के माध्यम से करने के निर्देश दिये। इसी तरह उन्होंने गोबर गैस प्लान्ट,कम्पोस्ट खाद, चारा विकास आदि कार्यो के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से किये जा रहे कार्यो की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास के तहत होने वाले कार्यो के लिए नये सिरे से कार्य योजना बनाने के भी निर्देश दिये। बैठक में श्री बनसोड़ ने कहा कि यातयात दबाव के कारण टर्निंग प्वाईंटों में आकस्मिक दुर्घटना हो जाती है। इस हेतु उन्होने आकस्मिक दुर्घटनाक के रोकथाम के लिए टर्निंग प्वाईटों और पेड़ो में रेडियम लगाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओ में से एक है। उन्होंने भवन विहीन स्वास्थ्य केन्द्रों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भवन विहीन स्वास्थ्य केन्द्रोंके लिए भवन बनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने तत्काल प्रस्ताव बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये।
बैठक में कलेक्टर श्री बनसोड़ ने लाईवलीहुड कालेज में संचालित ट्रेडों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शिक्षित बेरोजगार युवाओं को लाईवलीहुड कालेज के माध्यम से प्लंबर का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिये। इसी तरह फसल अवशेष का उचित उपयोग, पलायन पंजी संधारित करने और अविवादित सीमांकन, बटांकन, बंटवारा आदि कार्यो की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। बैठक में उन्होंने लोक सेवा गारंटी योजना के प्राप्त आवेदन पत्रों और निराकृत प्रकरणों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि उन्होंने लोक सेवा गारंटी योजना के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों का निर्धारित अवघि में निराकरण नहीं करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करने की भी बात कही। बैठक में कलेक्टर श्री बनसोड़ ने खनन और क्रेशर प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर उन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण हेतु कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिये। बैठक में उन्होंने समर्थन मूल्य पर खरीदे गये धान की उठाव और मिलिंग कार्यो की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उठाव और मिलिंग का कार्य निर्धारित अवधि में पूरा करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अजीत वसंत, अपर कलेक्टर द्वय श्री डी.के. ंिसंह एवं श्री ए.के. घृतलहरे, सभी अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सभी जिला स्तरीय अधिकारी, सभी जनपद पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी और नगरीय निकायों के सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे।
