आइची-नागोया,। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में परवीन ने चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को कड़े मुकाबले में 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराया।
फाइनल मुकाबला काफी करीबी रहा। परवीन ने शुरुआत में संयम के साथ खेलते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी के हमलों का जवाब दिया और मुकाबले के निर्णायक दौर में महत्वपूर्ण पंच लगाकर बढ़त बनाए रखी। अंत में 3-2 के फैसले से उनके पक्ष में मुकाबला गया।
इससे पहले सेमीफाइनल में परवीन ने चीन की ली शू को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
परवीन के स्वर्ण पदक के साथ एशियन गेम्स में भारत के पदकों की संख्या 73 पहुंच गई है। भारत के खात
े में अब 13 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य, यानी कुल 73 पदक हैं।
बॉक्सिंग में यह भारत के लिए दिन का दूसरा स्वर्ण पदक भी रहा। इससे पहले लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए यह दिन खास रहा।
परवीन की इस जीत ने एशियन गेम्स में उनके अभियान को भी नई पहचान दी है। पिछले संस्करण में उनका कांस्य पदक बाद में 22 महीने के निलंबन के कारण छिन गया था। इस बार उन्होंने सीधे स्वर्ण पदक जीतकर प्रतियोगिता में शानदार वापसी दर्ज की।
🥇 स्वर्ण — 13
🥈 रजत — 25
🥉 कांस्य — 35
🏅 कुल — 73 पदक
गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज लवलीना हैं। लवलीना ने शुक्रवार को (आज ही कुछ घंटे पहले) अपने 29वें जन्मदिन पर 75 किग्रा के फाइनल में चीन की जियाई बाओ को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था।
टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली लवलीना ने बाओ के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन करके पिछले एडिशन में जीते सिल्वर मेडल में सुधार किया और इस तरह अपने लिए एक शानदार बर्थडे गिफ्ट हासिल किया।
लवलीना, मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला हैं, जिन्होंने एशियन गेम्स में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल और ओलंपिक मेडल जीता है। इसके साथ ही लवलीना एशियन गेम्स में लगातार दो बार फाइनल में पहुंचने और गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली महिला मुक्केबाज हैं।
Leave a Reply