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गणेश चतुर्थी 2026: आज से शुरू हुआ गणेशोत्सव, 14 सितंबर को हुई गणपति स्थापना, 25 सितंबर को विसर्जन

नई दिल्ली (धर्म डेस्क)। ‘गणपति बाप्पा मोरया’ और ‘मंगलमूर्ति मोरया’ के गगनभेदी जयकारों, पारंपरिक ढोल-ताशों की गूंज और पारंपरिक बाजे-गाजे की थाप के साथ आज पूरे देश में प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी का भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया है।

देश की वित्तीय राजधानी मुंबई से लेकर देश की प्रशासनिक राजधानी नई दिल्ली तक, हर तरफ गजब का उत्साह और अगाध आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। भक्तजनों ने पूरे वैदिक विधि-विधान, पारंपरिक श्रद्धा और असीम हर्षोल्लास के साथ बप्पा की मनमोहक प्रतिमाओं को अपने-अपने पंडालों और घरों में विराजित कर दिया है।

मुंबई के लालबाग से लेकर दिल्ली के पंडालों तक विशेष रौनक:महाराष्ट्र (मुंबई): गणेश उत्सव के वैश्विक केंद्र मुंबई में रौनक देखते ही बन रही है। प्रसिद्ध ‘लालबागचा राजा’ (Lalbaugcha Raja) के दरबार में बप्पा के प्रथम दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आधी रात से ही उमड़ पड़ी। इसके साथ ही जीएस備 सेवा मंडल (किंग्स सर्कल) में बप्पा को सोने-चांदी के आभूषणों से भव्य रूप से सजाया गया है। पुणे के दगडूशेठ हलवाई गणपति पंडाल में भी ऐतिहासिक रूप से अलौकिक आरती का आयोजन किया गया।

नई दिल्ली व उत्तर भारत: देश की राजधानी दिल्ली में इस वर्ष महाराष्ट्र की तर्ज पर बड़े और भव्य पंडाल तैयार किए गए हैं। कनाट प्लेस, लक्ष्मी नगर और नेताजी सुभाष प्लेस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच बप्पा की स्थापना की गई है।

गुजरात और कर्नाटक: सूरत और अहमदाबाद में भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं, वहीं बेंगलुरु में पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) मिट्टी के गणेश जी की स्थापना पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ (रायपुर): राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश के प्रमुख शहरों (बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई) में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच देर रात तक महाआरती और छप्पन भोग का आयोजन किया गया।प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम:देश भर में त्योहार के दौरान धरातल पर कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्यों का पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

बड़े शहरों में प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील भीड़भाड़ वाले पंडालों के पास अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और ड्रोन तकनीक के ज़रिए असामाजिक तत्वों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है, ताकि भक्तजन बिना किसी असुविधा के त्योहार का आनंद ले सकें।

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश का जन्म मध्यान्ह काल में हुआ था, इसलिए इसी अवधि में गणपति स्थापना और पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है। अलग-अलग शहरों में पूजा के शुभ समय में थोड़ा अंतर रहा।

गणेशोत्सव के दौरान देशभर में घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। भक्तों ने भगवान गणेश को दूर्वा, फूल, मोदक और नैवेद्य अर्पित कर सुख-समृद्धि, बुद्धि और विघ्नों से मुक्ति की कामना की।

इस वर्ष गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी, 25 सितंबर 2026 को गणपति विसर्जन के साथ होगा। हालांकि कई परिवार अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़, तीन, पांच या सात दिन बाद भी विसर्जन करते हैं।

‘जन मित्र’ और मुख्य संपादक की ओर से विशेष मंगलकामनाएं:इस पावन, पवित्र और मंगलकारी अवसर पर भारत न्यूज़ सर्विस के मुख्य संपादक और पूरे योजना मित्र परिवार की ओर से देश के सभी प्रिय पाठकों, आम जनता और समस्त देशवासियों को गणेश उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं।

विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश आपके जीवन के सभी दुखों, विघ्नों, समस्त रुकावटों और इस महीने की हर प्रकार की मंदी को हमेशा के लिए दूर करें। बप्पा आप सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, आपसी भाईचारा और अपार सफलता का नया मार्ग प्रशस्त करें।

गणपति बप्पा मोरया! 🙏🌺

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