बंगाल में ममता की जीत के साथ ही हिंसा का तांडव: लिबलर-सेकुलरों ने साधी चुप्पी, सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है #Bengalisburning

न्यूज़ डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की जीत के साथ ही पूरे राज्य में हिंसा का तांडव शुरू हो गया है। ममता की पार्टी टीएमसी के गुंडे विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि राज्य में बीजेपी के 11 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है। टीएमसी के कार्यकर्ता बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या के साथ उनके घरों में लूटपाट और आगजनी कर रहे हैं। स्थिति बहुत भयावह है। लोग घर छोड़कर पलायन कर रहे हैं, लेकिन ममता बनर्जी कह रही हैं कि जब तक वो शपथ नहीं ले लेतीं, कुछ नहीं करेंगी। स्थिति की भयावहता को देखकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को पुलिस प्रमुख पी नीरजनयन और कोलकाता पुलिस कमिश्नर सोमेन मित्रा को समन किया, लेकिन डीजीपी और सीपी के मुलाकात के बाद भी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है।

बंगाल हिंसा पर राज्यपाल ने ट्वीट किया कि पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता सीपी को संवेदनहीन राजनीतिक हिंसा, बर्बरता, आगजनी, हत्याओं और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली धमकी को समाप्त करना चाहिए। पूरे विश्व में स्थित बंगालियों ने अराजकता पर चिंता व्यक्त की है। केवल बंगाल में चुनाव के बाद क्यों हिंसा होती है ? लोकतंत्र पर यह हमला क्यों?

हिंसा को लेकर खुद को कथित रूप से लिबरल और सेकुलर बताने वाले पक्षकार चुप्पी साधे हुए हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा उबाल पर है। #Bengalisburning सोशल मीडिया पर टॉप ट्रेंड कर रहा है। आप भी देखिए…

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