सर्व धर्म पूजा के बाद भारतीय वायु सेना में शामिल हुआ 5 राफेल लड़ाकू जेट, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ फ्रांस की रक्षामंत्री भी समारोह में रहे मौजूद

अंबाला। LAC पर सीमा तनाव के बीच आज भारतीय वायुसेना को नई ताकत मिल गई। फ्रांस से खरीदा गया बहुप्रतिक्षीत अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल आखिरकार आज औपचारिक रूप से वायु सेना के लड़ाकू विमानों के बेड़े में शामिल हो गया। अंबाला एयरबेस पर आज सुबह 10 बजे आयोजित भव्य कार्यक्रम में एयरफोर्स को 5 राफेल सौंप दिए गए। इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ फ्रांस की रक्षामंत्री भी समारोह में मौजूद हैं। हरियाणा के अंबाला स्थित वायु सेना स्टेशन में एक शानदार समारोह में यह विमान वायु सेना के गोल्डन एरो स्क्वाड्रन का हिस्सा बन गया। अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की कमी का सामना कर रही भारतीय वायु सेना के लिए इस दिन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बदलने की ताकत रखने वाला राफेल इसी दिन उसके लड़ाकू विमानों के बेड़े की शान बनेगा।

सर्वधर्म यानी, हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के अनुसार यह पूजा हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी अंबाला पहुँचे और इस पूजा का हिस्सा बने हैं। जिसके बाद ही पाँचों फाइटर जेट ने फ्लाईपास्ट किया है। सबसे पहले पाँच सुखोई विमानों ने उड़ान भरी।

भारतीय वायुसेना में पांच राफेल विमान शामिल हो गए। इससे देश और वायुसेना की ताकत बढ़ेगी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली की मौजूदगी में सर्वधर्म पूजा के बाद वायुसेना के बेड़े में शामिल हुआ।

रक्षा मंत्री के अलावा, उनके फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं। भारतीय वायुसेना के प्रमुख आरकेएस भदौरिया, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, रक्षा सचिव डॉ अजय कुमार भी समारोह का हिस्सा हैं।

सितंबर 2016 में, भारत और फ्रांस ने 36 राफेल लड़ाकू जेट के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। ₹60,000 करोड़ में यह भारत द्वारा हस्ताक्षरित सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। दिवंगत भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर उस समय रक्षा मंत्री थे।

पिछले साल दशहरे के अवसर पर 8 अक्टूबर को राफेल जेट जब भारत को सौंपे गए थे, तब फ्रांस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंदू रीति रिवाज से शस्त्र पूजा करते हुए राफेल पर ‘ॐ’ बनाकर नारियल चढ़ाया और धागा बाँधा था। इस पूजा पर तब लिबरल गिरोह और विपक्ष ने कई तरह के सवाल खड़े किए थे।

गौरतलब है कि लंबी राजनीतिक बहस और कूटनीतिक प्रक्रिया पूरे होने के बाद आख़िरकार राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुँचे हैं। ये अत्याधुनिक तकनीक के साथ भारतीय वायुसेना में शामिल हुए हैं, जो वायुसेना की नई ताकत के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं। राफेल चौथी जेनरेशन का सबसे फुर्तीला जेट है, इससे परमाणु हमला भी किया जा सकता है। साथ ही, ये एक बार में साढ़े 9 हजार किलो सामान वहन करने में भी सक्षम है।

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